देवरिया। पिपरा दौलाकदम गांव स्थित सीएचसी पर आक्सीजन प्लांट लगे तीन साल हो गए, लेकिन, अभी तक जनरेटर की व्यवस्था नहीं हो पाई है। यहां अलग से 20 बेड का कोविड भवन भी बन कर एक साल से तैयार है। इसमें अभी तक कोई साजो समान नहीं पहुंचा। लाखों रुपये खर्च कर बना भवन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते धूल फांक रहा है।
देसही देवरिया विकास खंड क्षेत्र के पिपरा दौलाकदम गांव स्थित सीएचसी पर कोविड की भयावहता के समय लोगों की जान बचाने के लिए आक्सीजन की कमी आड़े न आए, इसके लिए 2020 में 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का आक्सीजन प्लांट लगाया गया। इसे चलाने के लिए शुरू में 25 केवीए का जनरेटर लगा, लेकिन वह चल नहीं सका। जनरेटर वापस रुद्रपुर भेज दिया गया।
प्लांट चलाने के लिए 62 केवीए के जनरेटर की जरूरत है। इसके लिए तत्कालीन सीएचसी प्रभारी ने उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा। तीन साल हो गए। अभी तक दूसरा जनरेटर नहीं आया। बिजली उपलब्ध रहने पर ही आक्सीजन प्लांट को चलाया जा सकता है। सीएचसी के प्रभारी डॉ. शुभलाल ने बताया कि इससे उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। भवन हैंडओवर नहीं होने की जानकारी भी दे दी गई है।