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अभिलेखागार में चढ़ावे का खेल: फर्जी बैनामा सही साबित करने के लिए मृत्यु रजिस्टर में हेरफेर

Mon, 25 Sep 2023 11:48 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। अभिलेखागार में चढ़ावे का खेल जारी है। यहां फर्जी बैनामे को सही साबित करने के लिए एक व्यक्ति की मृत्यु की तिथि में ही खेल कर दिया गया। कुशीनगर निवासी महिला की शिकायत पर एसडीएम और अपर आयुक्त ने जांच की तो पूरा मामला पकड़ में आ गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर अभिलेखागार के रिकाॅर्ड रूम प्रभारी सहित पांच लोगों पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
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कुशीनगर जनपद की गढ़हिया पाठक थाना तरयासुजान निवासी ज्ञांती देवी ने शिकायत कर बताया था कि उनके पति राजकिशोर पाठक को स्पेशल पड़ताल के तहत रघुनाथ पुत्र देवनारायण की जमीन मिली थी। आरोप लगाया कि बेदूपार निवासी संजय दूबे, बोसगया निवासी ज्योतिष पांडेय व खदुरा जनपद कुशीनगर निवासी संजय मिश्रा ने नौ अगस्त 1965 को इस जमीन का रघुनाथ से बैनामा होना दिखा जिससे खारिज-दाखिल फंस गया। उन्होंने बताया था कि रघुनाथ की मृत्यु 1964 में ही हो गई थी। आरोप लगाया कि संजय और उनके साथियों ने अभिलेखागार कर्मियों से मिलीभगत कर रघुनाथ की मृत्यु की तारीख में भी हेरफेर कर दिया। उन्होंने अभिलेखागार से 2019, 20, 21 व 2022 की नकल ली तो यह मामला पकड़ में आया। शिकायत कमिश्नर के पास पहुंची तो अपर आयुक्त और एसडीएम तमकुहीराज की जांच में मामले का खुलासा हो गया। इसमें पाया गया कि रिकॉर्ड रूम के कर्मचारियों और अन्य बाहरी लोगों की मिलीभगत से यह खेल किया गया है। इस मामले में ज्ञांती देवी की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने अभिलेखागार की तत्कालीन प्रभारी रानी सिंह, उर्दू अनुवादक सलाउद्दीन खान और बेदूपार निवासी संजय दूबे, बोसगया निवासी ज्योतिष पांडेय, खदुरा जनपद कुशीनगर निवासी संजय मिश्रा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जबकि, दूसरी तरफ जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह के निर्देश पर अभिलेख में की गई गड़बड़ी को भी दुरुस्त कर दिया गया है।
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पीड़ित पक्ष को लगाने पड़े चक्कर, तब मिला न्याय
देवरिया। ज्ञांती देवी के नाती बृजकिशोर दूबे ने बताया कि अभिलेखागार में हेराफेरी का खेल कर्मचारियों की मिलीभगत से किया गया था। इसके कारण जमीन विवादित हो गई थी। जब व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है तो वह बैनामा कर सकता है। न्याय के लिए एसडीएम और कमिश्नर के पास छह महीने तक चक्कर काटने पड़े। इसके अलावा मुकदमा भी लड़ना पड़ा। नानी की उम्र करीब 90 वर्ष हो चुकी है। उन्हें इधर-उधर आने-जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी। संवाद
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अभिलेखागार में इससे पहले भी पकड़ा जा चुका है मामला
देवरिया। अभिलेखागार में इससे पहले भी अभिलेखों में हेरफेर करने का खेल पकड़ा जा चुका है। यहां तक कि मानचित्र गायब करने का भी मामला प्रकाश में आ चुका है। इसके कारण इससे पहले भी कर्मचारियों पर केस दर्ज हो चुका है।
अभिलेखागार में बाहरी लोगों की दखल काफी समय से चली आ रही है। कर्मचारियों की मिलीभगत से चढ़ावे का खेल चलता रहा है। 2021 में भी सदर कोतवाली में तत्कालीन लेखपाल राजस्व अभिलेखागार के कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में भाटपाररानी तहसील के सराय गांव निवासी निर्भय नारायण सिंह के खेत को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम दर्ज कर दिया गया था। इसी तरह शहर के रामगुलाम टोला निवासी सुनील पाठक ने भी अभिलेखागार के कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया था। इसमें भी आरोप था कि उनकी जमीन को दूसरे के नाम फर्जी तरीके से चढ़ा दी गई है। जबकि, दूसरी तरफ अभिलेखागार से जिले के 35 गांवों के नक्शे गायब हो चुके हैं। इसके कारण लोगों को अपने गांव का मानचित्र नहीं मिल पाता है। इतना ही नहीं, बाहरी लोगाें की मिलीभगत से अभिलेखागार के कागजात बाहर ले जाकर भी फोटोकापी कराने और अन्य हेरफेर करने का काम किया जाता रहा है। संवाद

काम हुआ नहीं, वीडीओ ने करा लिया भुगतान
देवरिया। भटनी विकास खंड के फतेहपुर ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) आनंद स्वरूप पांडेय पर आरोप है कि उन्होंने बिना काम के ही विभिन्न तिथियों में करीब पांच लाख नौ हजार रुपये का भुगतान करा लिया है। इसमें फतेहपुर में तैनाती के दौरान एक लाख 40 हजार रुपये, साहोपार में दो लाख 46 हजार और सल्लहपुर में एक लाख 23 हजार रुपये का भुगतान कर लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडेय ने बताया कि गांव के विकास के लिए आए मद में रुपये का गबन ग्राम विकास अधिकारी ने किया है। तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संवाद
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फर्जी स्थानांतरण पत्र तैयार करने वाला कर्मचारी निलंबित
देवरिया। सदर विकास खंड के तिलई बेलवा में तैनात विशाल ने कूट रचना कर स्थानांतरण पत्र तैयार कर लिया। इस मामले की जानकारी होने पर डीपीआरओ ने उसे निलंबित कर दिया है। उन्होंने बताया कि एडीओ को तहरीर देकर केस दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। संवाद

कोट :
तहरीर के आधार पर रिकाॅर्ड रूम के दो कर्मचारियों सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। इसकी जांच एसडीएम तमकुहीराज ने की थी।
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- श्रीयश त्रिपाठी, सीओ सदर
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