एसटीएफ टीम ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कुट रचित तरीके से नौकरी करने वाले शिक्षक को गिरफ्तार किया
देवरिया के ध्यानार्थ देवरिया में फर्जी शिक्षक गिरफ्तारफोटो 20 साल से फर्जी दस्तावेज के आधार पर कर रहा था नौकरी, एसटीएफ ने दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर/खुखुंदू। फर्जी दस्तावेज के आधार पर नियुक्ति पाकर अध्यापक की नौकरी कर रहे धर्मेंद्र मिश्रा को एसटीएफ ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को खुखुंदू थाना पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। आरोपी पर केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया।
एसटीएफ गोरखपुर के इकाई के प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि पूरे प्रदेश में फर्जी नियुक्ति वाले शिक्षकों की जांच की जा रही है। बेसिक शिक्षा अधिकारी देवरिया कार्यालय से संबंधित शिक्षकों के बारे में जानकारी के लिए संपर्क कर अभिलेख प्राप्त किया गया। जिसके अवलोकन से यह ज्ञात हुआ कि कंपोजिट विद्यालय वीरपुर मिश्र, विकास खंड भलुअनी में खुखुंदू थाना क्षेत्र के रारवड़ी पोस्ट मरहेंवा निवासी धर्मेंद्र मिश्रा द्वारा कूटरचित दस्तावेज व अंकपत्र के आधार पर अध्यापक की नौकरी कर रहा है।
इस जांच के आधार पर एसटीएफ टीम द्वारा आरोपी धर्मेंद्र मिश्रा को विद्यालय से ही गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी की शास्त्री परीक्षा का अंकपत्र व प्रमाणपत्र कूटरचना कर फर्जी तरीके से बनाया था, जिस पर अपने हिसाब से अनुक्रमांक 18366 अंकित कर दिया था। साथ ही इंटर (उत्तर-मध्यमा) का अंकपत्र व प्रमाणपत्र भी इसी तरह कूटरचित करके बनाया था। जिसके आधार पर वर्ष 2003 से शिक्षक की नौकरी कर रहा था।
शिकायत के बाद विभाग ने दो शिक्षकों को किया निलंबित
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने सोमवार की शाम को बताया कि भलुअनी क्षेत्र के वीरपुर मिश्र में तैनात शिक्षक धमेंद्र कुमार व इसी क्षेत्र के रुस्तमपुर विद्यालय पर तैनात दुर्गेश भारती के खिलाफ फजीवाड़े की शिकायत के बाद विभागीय स्तर पर जांच चल रही है। शिकायत के बाद इन दोनों को निलंबित किया गया है।