देवरिया। शहर के रहने वाले दो युवकों ने स्टैलियन इंफ्रा डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर लखनऊ में प्लाॅटिंग कर करीब 200 लोगों को 100 करोड़ से ज्यादा का चूना लगा दिया है। दोनों के विरुद्ध बाराबंकी में केस दर्ज हुआ है। इसके बाद शहर के निवेशकों को सांसें अटक गईं हैं। दोनों यहां भी ऑफिस खोलकर लोगों को प्लाॅट दिलाने का झांसा देते रहे हैं। अब लोगों को उनकी गाढ़ी कमाई डूबने का डर सताने लगा है। दोनों युवक यूपी के एक माफिया व विधान परिषद के पूर्व सदस्य रामू द्विवेदी के करीबी हैं।
शहर के भुजौली कालोनी निवासी विशाल राव चंदेल और अबूबकर नगर निवासी सुहेल की जोड़ी ने जिले से अवैध प्राॅपर्टी का काम शुरू किया। एक माफिया का करीब होने के कारण दोनों ने लखनऊ में भी अपना अवैध धंधा शुरू कर लिया। शहर के सिविल लाइंस और कस्तूरबा इंटर कॉलेज रोड पर इन दोनों ने प्राॅपर्टी डीलिंग का अपना ऑफिस भी बना रखा था। दोनों ने शहर के विभिन्न स्थानों पर प्लाॅटिंग का काम भी किया और बसपा शासन काल में दोनों को धीरे-धीरे राजनीतिक संरक्षण भी मिलता गया। इसके बाद दोनों ने लखनऊ में ठिकाना बना लिया और वहां पर चमक-दमक वाला ऑफिस भी बना लिया। दोनों वर्ष 2016 में स्टैलियन इंफ्रा डेवलपर प्राइवेट लिमिटेड बनाकर बाराबंकी-अयोध्या हाईवे से सतरिख जाने वाली सड़क के दोनों साइड पर फेज-एक व फेज-दो के नाम से प्लाॅटिंग की। कंपनी के निदेशक विशाल राव चंदेल और सुहेल खान ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर लोगों से मोटी रकम का निवेश भी करा दिया। इसके बाद 2019 में 100 प्लाॅट बेचे गए, लेकिन एक पर भी निवेशकों का कब्जा नहीं हो पाया और ये टालमटोल करते रहे। इसी बीच विशाल राव चंदेल ने खुद को अलग कर दूसरा काम शुरू कर दिया और सुहेल भी अलग हो गया। अब इन प्लॉटों पर लोगों को कब्जा नहीं करने दिया जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस गिरोह ने 200 से अधिक लोगों से 100 करोड़ से अधिक रुपये लिए हैं। दोनों के खिलाफ बाराबंकी जनपद के सतरिखा थाने में केस भी दर्ज हो गया है। जिले के काफी संख्या में ऐसे लोग हैं जो इनके झांसे में आकर लखनऊ में जमीन के नाम पर मोटी रकम गवां चुके हैं। अब यहां की पुलिस ने दोनों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी है।
निवेश कर दोगुना भुगतान कराने के नाम पर लेते थे रुपये
देवरिया। शहर का भुजौली कालोनी निवासी विशाल राव चंदेल लग्जरी वाहनों से चलता है। पहले आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी कि यह रौब गांठते हुए चले, लेकिन जब से जमीन का धंधा किया तब से आगे ही बढ़ता गया। बड़े माफिया का संरक्षण प्राप्त होने के कारण यह लोगों को दोगुना भुगतान कराने के नाम पर प्लाॅट खरीदवाता था और मोटी रकम निवेश कराता था। अब इसने अपने साथियों को दरकिनार कर पूरी रीयल एस्टेट कंपनी पर कब्जा कर लिया है।
-
माफिया के घर हुआ था हमला, चर्चा में आया था विशाल राव चंदेल
देवरिया। विशाल राव चंदेल शहर के भुजौली कालोनी निवासी यूपी के माफिया संजीव उर्फ रामू द्विवेदी का काफी करीबी है। 2014 में भुलौजी कॉलोनी में एमएलसी संजीव द्विवेदी उर्फ रामू के घर पर लग्जरी वाहन में सवार दर्जन भर बदमाश फायरिंग की थी। इस घटना में गोरखनाथ का रहने वाला सरफराज घायल हो गया था। एमएलसी रामू द्विवेदी ने शहर के कारोबारी संजय केडिया और श्रीप्रकाश तिवारी को घटना में नामजद किया था। वहीं कारोबारी संजय केडिया की तहरीर पर बसपा एमएलसी रामू द्विवेदी, विशाल राव चंदेल, संजय चौरसिया सहित अन्य लोगों पर हत्या के प्रयास और रंगदारी का केस दर्ज किया गया था। इस मामले में भी विशाल राव चंदेल का नाम तेजी से चर्चा में आया था।
-
टाउनशिप बसाने के नाम पर एक व्यक्ति ने किया था करोड़ों का खेल
देवरिया। रुद्रपुर कोतवाली के एक गांव निवासी अजय श्रीवास्तव ने गोरखपुर में स्थित शारदा सिटी बसाने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये वसूल लिए थे। इसके खिलाफ भी गोरखपुर में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसने भी गोरखपुर और लखनऊ में प्लाट दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली है। संवाद