शहर के अबूबकर नगर मोहल्ले की घटना, जालसाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज
देवरिया। शहर के अबूबकर नगर मोहल्ले के रहने वाले एक व्यक्ति की बेटी को जालसाज ने मेडिकल में सांसद कोटे से प्रवेश दिलाने के नाम पर 13.50 लाख रुपये ठग लिया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के अबूबकर नगर मोहल्ले के रहने वाले जमील अहमद सिद्दकी पुत्र मोहम्मद अयूब ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनका कार्य के सिलसिले से बराबर दिल्ली जाना होता है। वहां पर बिहार के रहने वाले वसीम अकरम किराए के मकान में जामिया में रहते हैं, जिससे मुलाकात हुई। इसके बाद वह भी मेरे घर जाने-जाने लगा। घर आने पर एक बार बेटे और बेटी की पढ़ाई के बारे में पूछा। मैने बताया कि बेटी आफिया नूर 12वीं पास कर नीट की तैयारी कर रही है। इस पर वसीम ने कहा कि मैं बेटी का एडमिशन सांसद कोटे से करा दूंगा। वसीम अकरम ने सीट बुक करने के नाम पर रुपये ले लिए। कई बार में उसने लगभग 13.50 लाख रुपये ले लिया। उसने फर्जी एडमिशन का पत्र और अन्य कागजात दिखाया। जानकारी करने पर ठगी के बारे में पता चला। रुपये मांगने पर देने से इंकार करते हुए धमकी देने लगा। पीड़ित ने मुकदमा दर्ज करने के लिए पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। पीड़ित ने न्यायालय में गुहार लगाई। न्यायालय ने सदर कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। सदर कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर शनिवार को वसीम अकरम उर्फ वसीम मंचर पुत्र मंजर झाम, असगर इमाम पुत्र हफीजुल्लाह निवासी तेजपुर लैरिया बेतिया बिहार के खिलाफ जालसाजी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
सिगनल में आई खराबी
देवरिया। गाड़ी संख्या 12166 गोरखपुर लोक मान्य तिलक सुपर फास्ट ट्रेन गोरखपुर से चलकर एलटीटी तक जाती है। ट्रेन शनिवार को गोरखपुर से 3.36 पर चली। वह गोरखपुर से खुलकर देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर अपने निर्धारित समय से पांच मिनट देर से 4.30 बजे पहुंची। ट्रेन देवरिया सदर से मऊ स्टेशन के लिए 4.35 बजे खुली। ट्रेन जैसे ही मालगोदाम के समीप ही पहुंची थी कि आउंटर का सिग्नल कार्य करने करना बंद कर दिया। चालक ने अचानक ट्रेन का ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका। ट्रेन देवरिया सदर रेलवे स्टेशन के समीप 1 29 ए स्पेशल गेट के पास खड़ी हो गई। ट्रेन ढाला पर रुकने पर रेल के कर्मचारियों ने कासन पर चलाने का निर्णय लिया। कंट्रोल की सूचना पर ट्रेन को पांच मिनट बाद कासन पर आगे के लिए रवाना किया गया।