मिश्रौली दीक्षित गांव के सामने एसआर पेट्रोल पंप के पास हुई घटना, मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों में मची भगदड़
एक ही गांव के रहने वाले हैं दोनों पक्ष के लोग, मारपीट में सेना के जवान समेत दो लोग हुए घायल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। भटनी थाना क्षेत्र के मिश्रौली दीक्षित गांव में जमीन विवाद में बृहस्पतिवार की सुबह दो पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान एक पक्ष के युवक ने रिवाल्वर से चार राउंड हवाई फायरिंग कर दिया। इससे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों में भगदड़ मच गई। मारपीट में घायल पिता पुत्र घायल हो गए। इनका इलाज मेडिकल कॉलेज में हुआ। पुलिस ने चार लोगों पर हत्या का प्रयास का केस दर्ज किया है।
भटनी थाना क्षेत्र के मिश्रौली दीक्षित गांव निवासी चंद्रबोस दीक्षित और गिरीश चंद्र दीक्षित के बीच दरवाजे पर जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसको लेकर पूर्व में कई बार विवाद हो चुका है। गिरीश चंद्र अपने परिवार के साथ देवरिया रहते हैं। जबकि चंद्रबोस दीक्षित दोनों भाइयों के साथ घर पर रहते हैं। दीपावली पर्व और खेत की बुआई के लिए शनिवार की शाम गिरीश चंद्र अपने बेटे वरुण के साथ गांव पहुंचे। बुधवार की शाम दोनों पक्ष के बीच दरवाजे की जमीन को लेकर कहासुनी हुई। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया और बृहस्पतिवार को जमीन का कागज लेकर थाने पर बुलाया था।
बृहस्पतिवार को सुबह करीब 5.30 बजे गिरीश चंद बेटे थल सेना के जवान वरुण के साथ देवरिया जाने के लिए पैदल रेलवे स्टेशन पर जा रहे थे। पिता-पुत्र अभी नगर के छोटी गंडक नदी पर बने पुल के पास पहुंचे थे कि दो बाइक पर सवार छह लोग लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और पिता पुत्र पर हमला बोल दिए। इस दौरान आरोपी पक्ष का एक युवक हवाई फायरिंग करने लगा। मारपीट में गिरीश चंद्र (70) और इनके बेटे थल सेना के जवान वरुण (40) घायल हो गए। हवाई फायरिंग की सूचना पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सेना के जवान वरुण दीक्षित की तहरीर पर मिश्रौली दीक्षित गांव निवासी महेश दीक्षित, अनुराग दीक्षित, विनय दीक्षित व मनीष दीक्षित पर पुलिस हत्या के प्रयास और मारपीट का केस दर्ज किया है। भाटपाररानी के सीओ पीएन तिवारी ने बताया कि जमीन विवाद में मारपीट हुई है। हवाई फायरिंग भी हुई है। चार लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस की लापरवाही से बढ़ा विवाद
बुधवार की शाम को जमीनी विवाद में मारपीट की सूचना पर गांव में 112 नंबर की पुलिस पहुंची थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और दूसरे दिन थाने पर दोनों पक्षों के आने की बात कह कर चली आई। अगर पुलिस मौके पर सख्ती बरती होती और दोनों पक्ष के लोगों पर शांतिभंग की भी कार्रवाई की होती तो शायद बृहस्पतिवार को सुबह सरेराह सड़क पर फायरिंग और मारपीट की घटना नहीं हुई होती। मारपीट के दौरान एक दुकान में भी आरोपियों ने तोड़फोड़ की है।
एक युवक को छूती हुई निकल गई गोली
मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग अचानक गोली चलने की आवाज सुनकर इधर-उधर भागने लगे। मॉर्निंग वॉक पर निकले नकहनी के एक युवक को गोली छूती हुई निकल गई, लेकिन युवक ने इसकी शिकायत कही नहीं की। ऐसे ही सड़क पर टहल रहे लोग खेतों में भागकर अपनी जान बचाए। फायरिंग और मारपीट की घटना से करीब 45 मिनट तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।