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Deoria News: हर माह 26 लाख का हो रहा खाद्यान्न घोटाला, लाभार्थियों के राशन में होती है कटौती

Fri, 11 Aug 2023 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। गरीबों को दिए जाने वाले खाद्यान्न में जनपद में हर महीने 1300 क्विंटल का घोटाला हो रहा है। प्रति 100 बोरे अनाज पर एक क्विंटल की कटौती गोदाम से ही कर ली जा रही है। जिसकी कीमत दो हजार रुपये प्रति क्विंटल ही मानें तो 26 लाख रुपये का घपला जिले में खाद्यान्न वितरण के नाम पर हो रहा है हर माह हो रहा है। इसका असर लाभार्थियों के पेट पर पड़ रहा है। कोटेदार, लाभार्थियों को मानक से एक किलो राशन कम दे रहे हैं। उनसे राशन घटतौली को लेकर रोज-रोज बकझक भी हो रही है। इससे परेशान कोटेदार धांधली की पोल खोल रहे हैं। दूसरी ओर राशन पहुंचाने का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदारों और कोटेदारों में भी विवाद गहरा रहा है।
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कोटेदार कई महीनों से जिलापूर्ति अधिकारी को लिखित शिकायत देकर हर महीने गोदाम से हो रही राशन कटौती पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि इनकी शिकायतों का अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे, ठेकेदारों के साथ खुन्नस बताकर मामले पर पर्दा डाल रहे हैं। बता दें कि राशन की दुकानों तक सीधे गोदाम से खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम की शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले की गई। शहर के निकट स्थित उसरा व रघवापुर डीपो से जिले के 16 ब्लाॅकों में हर माह लगभग 1.30 लाख क्विंटल खाद्यान्न की आपूर्ति की जाती है। कोटेदारों तक खाद्यान्न पहुंचाने की जिम्मेदारी आरएफसी की ओर से रखे गए 12 ठेकेदारों को दी गई है। ठेकेदारों को गोदाम से ही खाद्यान्न कम दिया जा रहा है। इसके चलते यह कोटेदारों के दरवाजे तक डिलीवरी पहुंचाने में आनाकानी कर रहे हैं। इसकी शिकायत कोटेदार स्वयं व संगठन के माध्यम से अधिकारियों से कर रहे हैं।

परेशान तो हम भी हैं, मगर कह नहीं सकते
नाम न छापने की शर्त पर सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी में लगे दो ठेकेदारों ने बताया कि गोदाम से उन्हें राशन कम मिलता है। यही कारण है कि वे कोटेदारों की दुकान तक राशन ले जाना नहीं चाहते। कई कोटेदार दरवाजे पर पहुंचने के बाद तमाशा बना देते हैं। ज्यादा बखेड़ा हुआ तो ऊपर के अधिकारी अपने बचने के लिए हम पर राशन चोरी का इल्जाम लगा देते हैं।
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वर्जन:
प्रति सौ क्विंटल खाद्यान्न में हर महीने एक से दो क्विंटल की कटौती की जा रही है। ठेकेदार दुकान तक राशन नहीं पहुंचा रहे। गांव के बाहर से आकर फोन कर वहीं से खाद्यान्न खुद के वाहन से ले जाने का दबाव बनाते हैं। भाड़ा और पल्लेदारी का खर्चा भी लेते हैं। इसकी शिकायत कई बार जिलाधिकारी व जिलापूर्ति अधिकारी से की गई है।
- अखिलेश मिश्र, कार्यकारी जिलाध्यक्ष, फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन
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ठेकेदारों और कोटेदारों के बीच अक्सर कहासुनी होती रहती है। जिसपर कोटेदार तरह-तरह के आरोप लगाकर शिकायत करते रहते हैं। उनकी शिकायतों का समाधान भी कराया जाता है। बोरा फट जाने के कारण किसी-किसी बोरे में राशन कम हो जाता होगा। खाद्यान्न में कटौती नहीं की जाती।
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- संजय पांडेय, जिलापूर्ति अधिकारी
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