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अफसर भर रहे फॉगिग का दम, मच्छर नहीं हो रहे कम

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अंबेडकरनगर मोहल्ले में सड़क पर जमा नाली का गंदा पानी ,पनप रहे मच्छर ।संवाद - फोटो : DEORIA
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अफसर भर रहे फॉगिग का दम, मच्छर नहीं हो रहे कम
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शहर से लगायत देहात तक हांफ रहे डेंगू से बचाव के इंतजामात, सरकारी आंकड़ों में 26 में हो चुकी है डेंगू की पुष्टि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर से लगायत देहात तक डेंगू से बचाव और इलाज का इंतजाम हांफ रहा है। लाखों रुपये की दवा को मच्छरों के सामने बेदम साबित हो रही है। मेडिकल कॉलेज होने के बाद भी प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए मरीजों को दूसरे शहरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, जांच की रिपोर्ट के लिए लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। तब तक बीमार की हालत गंभीर हो जा रही है।
डेंगू की रोकथाम के लिए सरकार की तरफ से करीब 10 लाखों रुपये की दवा उपलब्ध कराई गई है। पर मच्छरों के सामने यह दवा बेदम साबित हो रही है। इतना ही नहीं रोकथाम के लिए किया जाने वाला छिड़काव व फॉगिंग भी बेदम है। डेंगू मच्छर पर काबू पाने के लिए शासन की ओर से कीमी खास और बीटीआई के साथ पैराथाम दवा का छिड़काव किया जाना है।
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इसके बाद भी जिले में डेंगू मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। कई ऐसे मरीज हैं, जिनमें लक्षण मिलने के बाद निजी अस्पतालों में भी डेंगू का इलाज कराया जा रहा है। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें निजी पैथोलॉजी पर किट से होने वाली जांच में डेंगू पॉजिटिव रिपोर्ट आती है। जबकि सीवीसी जांच रिपोर्ट में प्लेटलेटस कम मिल रहे हैं। इसके कारण वह निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे है। जबकि डेंगू मरीजों के लिए शासन ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दस-दस बेड आरक्षित किया है।
जांच में देरी से बिगड़ रही हालत, 70 किलोमीटर तक प्लेटलेट्स का सफर
देवरिया। जनपद में डेंगू के मरीजों की संख्या करीब 26 से अधिक है। इसमें से कुछ मरीजों की निजी अस्पतालों में जांच के जानकारी मिली है। जांच के लिए सरकारी दावा है कि सीएचसी, पीएचसी और जिला अस्पताल पर डेंगू की जांच होती है। पर हकीकत तो यह है कि जांच रिपोर्ट आने तक बहुत देर हो जा रही है।
दो दिनों का समय लगने के कारण मरीजों की तबीयत बिगड़ जा रही है। प्लेटलेट्स गिरने के कारण उनको गोरखपुर तक का सफर करना पड़ा रहा है। इसके लिए सरकारी इंतजाम नहीं है। सरकारी आंकड़ों में 26 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। पर संभावित लक्षण वाले मरीजों की तादात करीब सप्ताह में तीस के पार है। इसमें करीब पंद्रह पुलिसकर्मी है। जिले के सीएचसी और पीएचसी में एलाइजा जांच की सुविधा नहीं है। केवल जिला अस्पताल में यह सुविधा है। जबकि एनएस एक आने पर एलाइजा जांच करानी पड़ती है। ऐसे में अधिकतर को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
यहां का हाल यह है कि 24 घंटे के बाद जांच रिपोर्ट मिल पा रही है। इतना ही नहीं मरीजों में प्लेटलेट्स घटने के बाद हालत चिंताजनक हो जा रही है। उनको जिले में सुविधा न मुहैया होने के कारण रेफर कर दिया जा रहा है। कई ऐसे मरीज भी, जिनको गोरखपुर में प्लेटलेट्स न मिलने के कारण लखनऊ तक जाना पड़ा है।
कोट
डेंगू का प्रकोप बढ़ा है लेकिन जांच कर रोकथाम के लिए प्रयास किया जा रहा है। प्लेट्लेट्स की सुविधा अभी नहीं है। लाइसेंस के लिए आवेदन किया गया है। दवाओं की कोई कमी नहीं है।
-डॉ. एचके मिश्र, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
मोहल्लों में गंदगी से मच्छरों की भरमार
देवरिया। शहर के विभिन्न मोहल्लों में जलभराव होने के कारण मच्छरों को बसेरा हो गया है। शहर की टूटी सड़कों और जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण मच्छर पनप रहे हैं। नगर पालिका की ओर से हर रोज दो वार्डों में फॉगिंग और एंटी लार्वा का छिड़काव कराए जाने का दावा किया जा रहा है। पर डेंगू मच्छरों के सामने व्यवस्था धड़ाम होती नजर आ रही है।
शहर के रामगुलाम टोला, उमा नगर, देवरिया खास, भटवलिया,अली नगर, सिंधी मिल, छोटी बभनी सहित कई मोहल्लों में बारिश का पानी अभी सूखा नहीं है। इतना नही खाली प्लॉटों में पानी भरा है। कुछ जगहों पर जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण जाम नाली के कारण लोगों के दरवाजे पर भरा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।
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इस संबंध में ईओ रोहित सिंह ने बताया कि हर रोज दो वार्डों में फॉगिंग कराई जा रही है। जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित कर एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। लोगों की सुविधा के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है।
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