पांच डॉक्टर सहित 20 कर्मी मिले गैरहाजिर, एक दिन का वेतन रोका
डीएम के निरीक्षण में पीएचसी बैतालपुर की खुली पोल, स्पष्टीकरण तलब
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बैतालपुर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पांच डॉक्टर सहित 20 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित मिले। डीएम ने अनुपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों के एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम दोपहर करीब 1.50 बजे बैतालपुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। उन्होंने उपस्थिति पंजिका की जांच की तो पता चला कि डॉ. सरफराज आलम, डॉ. जयप्रकाश सिंह, डॉ. अमृता गुप्ता, डॉ. जमाल अहमद सिद्दिकी, डॉ. अल्पना राव, अलमीन अली, सुनीता निषाद, अजीत प्रताप सिंह, अल्का यादव, सीमा रानी, अवनीश त्रिपाठी, राधेश्याम यादव, प्रदीप कुमार सिंह, आद्या कुमार पांडेय, आनंद सोनकर, ओम प्रकाश भारती, ज्योति प्रजापति, प्रियंका गौतम और पूनम द्विवेदी अनुपस्थित हैं।
इनमें अधिकांश लोग सुबह उपस्थिति पंजिका में हस्ताक्षर करने के बाद नदारद थे। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एमओआईसी डॉ. विवेक कुमार ने जिलाधिकारी को बताया कि आरबीएसके के डॉक्टर सीएमओ कार्यालय गई हैं, जो अभी तक नहीं लौटी हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मूवमेंट रजिस्टर मांगा।
मूवमेंट रजिस्टर पर ओवरराइटिंग दिखी। साथ ही 25 अगस्त के बाद सीधे ओवरराइटिंग युक्त 30 अगस्त का अंकन मिला, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाई। साथ ही ओवरराइटिंग की जांच के लिए एसडीएम मंजूर अहमद अंसारी की अध्यक्षता में जांच समिति बनाने का निर्देश दिया।
इसके बाद डीएम ने नियमित टीकाकरण की स्थिति जानी। बताया गया कि स्वास्थ्य केंद्र पर कुल नौ बच्चों का टीकाकरण किया गया है। स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात आयुष्मान मित्र की ओर से तीन आयुष्मान कार्ड बनाए गए थे। डीएम ने आयुष्मान मित्र को योजना का प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने का निर्देश दिया।
ओपीडी में 22 मरीजों ने स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श प्राप्त किया। उन्होंने ओपीडी की कम संख्या पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अपनी ओपीडी संख्या बढ़ाएं तो जिला अस्पताल पर मरीजों का दबाव कम होगा।