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देवरिया जिले के श्रीरामपुर थाने से सटे बिहार के सिवान जिले के नौतन थाना मुख्यालय मामला
आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड कर्मी की घटनास्थल पर हुई मौत
दो मंजिला भवन ध्वस्त, तकरीबन आठ घंटे बाद आग पर पाया गया काबू
फायर ब्रिगेड वाहन का पानी नहीं खत्म हुआ होता तो कई की जाती जान
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटा/रामपुर बुजुर्ग। जिले के श्रीरामपुर थाने से सटे बिहार प्रांत के सिवान जिले के नौतन थाना मुख्यालय स्थित आरा मशीन संचालक एवं फर्नीचर व्यवसायी पप्पू प्रसाद की दुकान व मकान में मंगलवार की रात में शार्ट सर्किट से आग लग गई। शोरगुल सुनकर आसपास के लोग जगे और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गए। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस फायर ब्रिगेड के साथ पहुंचकर आग बुझाने में जुट गई। आग का विकराल रूप देख जिला प्रशासन को सूचना दी गई।
बुधवार की सुबह पांच बजे के करीब जिला मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की छोटी व बड़ी गाड़ियां पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास में जुट गईं। तब तक पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी आग से दुकान के ऊपर बना दो मंजिला मकान ध्वस्त हो गया। इसके चपेट में आने से एक फायर ब्रिगेड कर्मी उसके नीचे दबकर घायल हो गया। किसी तरह से उसे बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक मौत हो चुकी थी।
मृत दमकल कर्मी की पहचान बिहार प्रांत के भागलपुर जिले के त्रिपैठी थाने के सलेमपुर निवासी रविकांत मंडल पुत्र अवधेश मंडल के रूप में हुई। पप्पू प्रसाद के ध्वस्त मकान ने बगल के रामाशंकर प्रसाद तथा संतोष प्रसाद के मकान को अपनी जद में ले लिया और दोनों के मकान भी ध्वस्त हो गए। आग से ध्वस्त हुए तीनों मकानों की क्षति का अंदाजा करोड़ों में लगाया जा रहा है। पप्पू प्रसाद की दुकान एवं मकान में कुछ भी बचा नहीं था।
फायर ब्रिगेड के सहयोग से करीब आठ घंटे बाद आग बुझाने में लोग सफल हुए। आग लगने की सूचना पर मैरवा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अजीत प्रताप सिंह चौहान के अलावा नौतन, मैरवा थाने की पुलिस मौके पर मुस्तैद दिखी। मौके पर स्थानीय अंचलाधिकारी शशि कुमारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी अर्चना भी मौजूद रहीं।
भीड़ को देखते हुए गोपालगंज के कुचायकोट-मैरवा मुख्य मार्ग पर की गई बैरिकेडिंग
घटना की सूचना पर आसपास के लोगों के साथ विभिन्न गांवों से लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते काफी संख्या में भीड़ एकत्रित हो गई। संभावित खतरे एवं आग बुझाने में उत्पन्न हो रहे व्यवधान को देखते हुए पुलिस को गोपालगंज के कुचायकोट-मैरवा मुख्य मार्ग पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी। लोगों को बाईपास सड़क से होकर जाने की हिदायत दी गई।
फायर ब्रिगेड का पानी हुआ खत्म
आग बुझाने में दमकल कर्मियों के साथ-साथ आसपास लोग भी लगे हुए थे। मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित थी। इसी बीच फायर ब्रिगेड वाहन का पानी खत्म हो गया। वाहन को घुमाकर पानी भरने के लिए भेजा जा रहा था। वाहन के पास मौजूद भीड़ इधर-उधर हो गई। जैसे ही वाहन कुछ दूर आगे पहुंचा अचानक दो मंजिला भवन ध्वस्त होकर गिर गया। इसकी चपेट में एक दमकल कर्मी आ गया, उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
अगर फायर ब्रिगेड वाहन का पानी खत्म नहीं हुआ होता तो लोग वाहन के पास ही जमे रहते और आग बुझाने का कार्य होता रहता। ऐसे में कई लोग ध्वस्त भवन की चपेट में आ जाते और स्थिति भयावह होती।