बताया-सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से मांगी गई थी सूचना, इस वजह से हुई देरी
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त की ओर से बीएसए पर लगाया दंड माफ और संबंधित प्रकरण का निस्तारण कर दिया गया है। मंगलवार देर शाम मुख्य सूचना आयुक्त के समक्ष पहुंची बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने जवाब प्रस्तुत किया।
इसमें उन्होंने बताया कि मामला 2019 का है। सूचना सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से मांगी गई थी। इसलिए सूचना देने में विलंब हुआ। इसके फाइल को निस्तारण में भेजा गया।
भटनी के मिश्रौली दीक्षित गांव निवासी सुमंत कुमार दीक्षित आरटीआई कार्यकर्ता हैं। उन्होंने 2019 में एक बिंदु की सूचना सचिव बेसिक शिक्षा से मांगी थी। सूचना नहीं मिलने पर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील की। मुख्य सूचना आयुक्त ने मामले में बीएसए कार्यालय से सूचना देने के लिए कहा। सूचना में लापरवाही पर उन्होंने बीएसए पर 25 हजार का जुर्माना लगाया था।
इसकी जानकारी होने पर मंगलवार शाम बीएसए राज्य सूचना आयोग में पहुंची, उन्होंने आयुक्त को अपना जवाब दिया। इसमें बताया कि सूचना सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से मांगी गई थी। इसलिए उसी माध्यम से सूचना पहुंचाई गई। इसीलिए सूचना देने में कार्यालय की ओर विलंब की स्थिति से गुजरना पड़ा। इसके बाद मुख्य सूचना आयुक्त की ओर से जुर्माना माफ करते हुए फाइल निस्तारण किया गया।
बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि मामला 2019 का है। जब मेरे सामने प्रकरण आया तो उसमें अध्ययन करने से ज्ञात हुआ कि सूचना सचिव बेसिक शिक्षा परिषद से मांगी गई है। जुर्माना के कार्रवाई के बाद अपना पक्ष रखा गया। इसके बाद जुर्माना माफ और फाइल का निस्तारण हुआ।