परसिया करकटही गांव में मनरेगा सुपरवाइजर कुलदीप हत्याकांड
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संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। थाना क्षेत्र के परसिया करकटही के मनरेगा सुपरवाइजर कुलदीप कुमार की हत्या के मामले में फरार चल रहा पांचवां आरोपी भी करौंदी कांटा के पास से सोमवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने सोमवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। हालांकि, इसके पूर्व पुलिस मुख्य आरोपी समेत चार को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
खुखुंदू थाना क्षेत्र के परसिया करकटही गांव निवासी कुलदीप प्रसाद (25) मनरेगा में सुपरवाइजर थे। ग्राम सभा में मनरेगा के तहत होने वाले सभी कामों की देखरेख वही करते थे। एक पखवारा पूर्व गांव में निर्माण कार्य होने के बाद साइड पर बालू और ईंट बच गई। जिसे वह ट्राॅली पर लोड कराकर दूसरे साइड पर गिरवाने लगे। आरोप था कि ट्राॅली पर मोहल्ले के बच्चे बालू लोड कर रहे थे। जिसका कुछ लोगों ने वीडियो बना कर एक ग्रुप में वायरल कर दिया। शाम को जब कुलदीप को इसकी जानकारी हुई तो वह वायरल किए युवक से गांव के पूरब टोला में पूछताछ करने चले गए। वहीं कुलदीप को राॅड, धारदार हथियार से मारपीट कर लहुलूहान कर दिया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के विरोध में ग्रामीणों ने थाने पर प्रदर्शन किया। पुलिस आनन-फानन हत्या की धारा बढ़ाकर आरोपियों की तलाश में जुट गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी अवनीश कुमार गौतम उर्फ पंचोली, अविनाश कुमार गौतम, राजेश प्रसाद और उसकी पत्नी ज्ञांती देवी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इंस्पेक्टर दिलीप सिंह ने बताया कि सोमवार की दोपहर को विरेंद्र प्रसाद को खुखुंदू थाना क्षेत्र के करौंदी काटा से गिरफ्तार किया गया है। सीओ सलेमपुर दीपक शुक्ला ने बताया कि पांचवें हत्यारोपी को दर्ज केस के तहत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया।