देवरिया। जनपद न्यायालय के सभागार में योग शिविर का आयोजन किया गया। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और न्यायालय कर्मियों ने आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास किया। प्रभारी जनपद न्यायाधीश काशीनाथ ने कहा कि योग मनुष्य के जीवन का अभिन्न अंग है। नियमित योग से शरीर स्वस्थ, मन एकाग्र और तनाव दूर होता है। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय बद्री विशाल पांडेय ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है। प्रभारी सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा सिंह ने लोगों से नियमित योग करने की अपील करते हुए कहा कि योग से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।