रुद्रपुर। फतेहपुर के लेहड़ा टोले पर एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या के बाद हमलावरों ने उनके घर को तहस नहस कर दिया। पूरे परिवार में तीन सदस्य बहन शोभिता और दो भाई देवेश और अनमोल ही बचे हैं। शोभिता अपनी ससुराल में हैं। वहीं देवेश को यह चिंता सता रही है कि अब वे और अनमोल कहां रहेंगे। घर और परिवार के बारे में याद कर उनकी आंखें भर जा रही हैं।
दो अक्टूबर को फतेहपुर के लेहड़ा टोले पर जमीन के विवाद में पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेम यादव की हत्या के बाद प्रतिशोध में आक्रोशित भीड़ ने सत्यप्रकाश दूबे के परिवार पर हमला बोल दिया। इसमें सत्यप्रकाश, पत्नी किरन, बेटा दीपेश उर्फ गांधी, बेटी सलोनी और नंदनी की हत्या कर दी गई। हमलावरों ने सत्यप्रकाश का टीनशेड का मकान उजाड़ दिया। घटना में बुरी तरह से घायल अनमोल मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में इलाज के बाद किसी तरह बच पाया है। वहीं सत्यप्रकाश दूबे का बड़ा बेटा देवेश बलिया में किसी अनुष्ठान में शामिल होने गया था, जिससे उसकी जान बच गई। परिवार के पांच सदस्यों की मौत के बाद दोनों भाइयों पर विपत्ती का पहाड़ टूट पड़ा है।
घटना के 16 दिन बीतने के बाद अब देवेश इस बात को सोच कर परेशान है कि इलाज के बाद स्वस्थ होकर लौटने पर भाई को कहां ले जाए। देवेश ने कहा- गांव में एक आशियाना था, जिसमें परिवार गुजर-बसर कर रहा था, हमलावरों ने सिर से मां-बाप का साया छीनने के साथ ही घर को भी तहस-नहस कर दिया। घर में कदम रखने की हिम्मत नहीं हो रही। पुरानी यादें अब गांव के उजड़े मकान में जाने की गवाही नहीं दे रही। ऐसे में रहने का कोई और ठौर भी नहीं है।