देवरिया। भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में एनएच 727 ए देवरिया बाईपास से प्रभावित किसानों की बैठक भाकियू के पूर्वी उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष और किसान नेता विनय सिंह सैंथवार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शामिल सभी किसानों ने एक स्वर में निर्णय लिया कि जब तक जिला प्रशासन हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लेगा, वर्तमान बाजार मूल्य के हिसाब से सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने की घोषणा नहीं करेगा, तब तक कोई भी किसान अपना कोई भी पेपर तहसील या जिला प्रशासन के कार्यालय में नहीं जमा करेंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू के पूर्वी उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष किसान नेता विनय सिंह सैंथवार ने कहा कि बाईपास से जुड़े करीब 987 गाटा संख्या है। जिसमें करीब 3000 से ऊपर छोटे बड़े किसान प्रभावित हो रहे है। सभी किसानों से कहा गया है कि चाहे वह दो कट्ठा का प्रभावित किसान हो या दो बीघा का प्रभावित किसान हो कोई भी किसान अपना पेपर ना जमा करें। इतना ही नहीं, सभी किसानों से अपील की गई की किसान संगठित रहे और एकजुट रहे, तभी कोई भी लड़ाई जीत सकते हैं। जिला अध्यक्ष गिरीश नारायण शाही उर्फ बड़े शाही ने कहा कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है की प्रभावित 37 गांव का दौरा कर किसानों को एकजुट करके बाईपास में पड़ने वाले सभी विधान सभा विधायक व सांसद से मिलकर एक पत्रक सौंपा जाए। इस मामले में मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की जाए। पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद सिंह ने कहा कि जब तक जिला प्रशासन हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लेगा, तब तक किसी भी कीमत पर हम अपनी जमीन नहीं देंगे।
बैठक में जिला संयोजक सदानंद यादव, जिला कोषाध्यक्ष चंद्रदेव सिंह, डॉ राजेश कुमार मिश्रा, कृष्णकांत त्रिपाठी, राजीव राय, राजेश कुमार झुनझुन वाला, अवधेश प्रताप मल्ल, लाल प्रताप सिंह, विजय चौरसिया ,मोहम्मद रजाक अंसारी, नीरज शुक्ला आदि शामिल हुए।