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-पिपरा विठ्ठल गांव का मामला, आमरण अनशन की चेतावनी, चकबंदी लेखपाल ने सर्वे किया
संवाद न्यूज एजेंसी
भटनी। पिपरा विठ्ठल गांव के नागा बाबा खेल मैदान में गांव के किसान मंगलवार को भी भूख हड़ताल पर रहे। उन्होंने गांव में हो रही चकबंदी के खिलाफ हुंकार भरी और प्रशासन से चकबंदी नहीं रोकने पर आमरण अनशन व व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।
किसानों ने कहा कि चकबंदी विभाग के अधिकारी गांव के लोगों में फूट डालकर अपना उल्लू सीधा करने में लगे हैं। लेकिन उनकी यह रणनीति सफल नहीं होने दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर चकबंदी विभाग से पहुंचे लेखपाल ने 124 गाटों को तरमीम किया। विभाग का दावा है कि गांव के अधिकतर किसान चकबंदी के पक्ष में है। काश्तकार अपने खेतों में पहुंचकर चकबंदी लेखपाल के कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।
भटनी के पिपरा विठ्ठल गांव चकबंदी के लिए चिह्नित किया गया है। जिसका 2014 से गांव के किसान विरोध कर रहे हैं। गांव का एक तबका इसे रोकने को न्यायालय आदि से सहयोग मांग रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य पवन कुमार के नेतृत्व में गांव के किसान सोमवार से चकबंदी के विरोध में भूख हड़ताल पर हैं। मंगलवार को दूसरे दिन किसानों ने नागा बाबा ग्राउंड पर अनशन के दौरान जमकर चकबंदी विभाग के विरोध में भड़ास निकाली। पवन कुमार यादव ने कहा कि चकबंदी विभाग के जिम्मेदार कुछ किसानों को भ्रमित कर ग्रामीणों में फूट डालने का काम कर रहे हैं। लेकिन हम उनकी चालाकी सफल नहीं होने देंगे। गांव के सभी काश्तकार एक हैं। चकबंदी के विरोध में मजबूती के साथ खड़े हैं।
उन्होंने प्रशासन को चेताया कि अगर गांव में चकबंदी रोकने की पहल नहीं की गई तो सभी आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे।
इस दौरान आशीष कुमार सिंह, अनिल यादव, वीरेंद्र गिरी, छठ्ठू यादव, हरिशंकर सिंह, भजन कुमार, जय प्रकाश, चंद्रिका यादव, संजय गिरी आदि उपस्थित रहे।
इस संबंध में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी पवन कुमार पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की सहमति से ही चकबंदी कार्य चल रहा है। गांव में मौजूद चकबंदी लेखपाल ने ग्रामीणों के सहयोग से ही 124 गाटों काे तरमीम किया है। अगर किसी को चकबंदी से दिक्कत है तो वह आपत्ति दर्ज कराए, उसकी समस्या सुनी जाएगी।