नगर पंचायत में गांव शामिल होने के बाद नए सर्किल रेट से मुआवजा मांग रहे हैं किसान
देवरिया। गुजरात के कांगड़ा से गोरखपुर होते हुए बैतालपुर तक एलपीजी (लिक्विड फाइड पेट्रोलियम गैस) पाइपलाइन का काम किसानों ने कम मुआवजा मिलने की बात कह रोक दिया था। अधूरे कार्य को पूरा कराने के लिए जिला प्रशासन को आईबीएच ने पत्र लिखा था। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम की मौजूदगी में पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू करा दिया।
गैर पाइप लाइन का कार्य जिले की सीमा में 11 किमी तक होना था। पाइपलाइन इंदूपूर, कालावन, लबकनी, उसरी बुर्जुग, मदैना, असनहर, सोपरी तक का कार्य पुरा हो चूका था, सिर्फ बढया होते हुए बैतालपुर के भारत एलपीजी प्लांट तक बिछाई जानी है। इसे मार्च 2023 में ही पूरा हो जाना था, लेकिन काम में देरी हो गई है। एक किलोमीटर पाइप लाइन बढ़या गांव में डाली जानी है। जिसे सर्किल रेट से कम पर मुआवजा मिलने के कारण 16 किसानों ने काम को रोक दिया है।
मनमानी तरीके से मुआवजा दिया जा रहा है। किसानों का कहना है कि मुआवजा गांव के सर्किल रेट के हिसाब से दिया जा रहा है। जबकि गांव अब नगर पंचायत का हिस्सा बन गया है। इस कारण नए सिरे से मुआवजा का रेट तय होना चाहिए। इसके चलते सर्किल रेट से कम पर किसान मानने को तैयार नहीं है। करीब ढाई साल से गैस पाइप लाइन का काम चल रहा है।जबकि जिला प्रशासन का कहना है कि निर्धारित मुआवजा राशि से अधिक नहीं दी जा सकती है।
परियोजना प्रबंधक दिव्यांशु राय ने कहा कि किसान अधिक मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इनसे वार्ता भी की गई थी, लेकिन वह नहीं मान रहे हैं। इससे काम प्रभावित हो रहा है। नए सर्किल रेट के हिसाब से मुआवजा दिया जाना संभव नहीं है। प्रशासन काम पूरा कराने के लिए व्यवस्था में लगी है। मुआवजे का पेच फंसने के कारण परियोजना में देरी हो रही थी। अब काम 31 दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।