महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कालेज की ओपीडी में मरीज देखतीं नेत्र चिकित्सक,
देवरिया। महर्षि देवराहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इन दिनों मोतियाबिंद और आंखों के सूखापन जैसी समस्याओं से जूझते मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
60 साल से ऊपर बुजुर्गों में मोतियाबिंद के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं बच्चों में मोबाइल की लत आंखों की नमी छीन रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जांच और सावधानी न बरती जाए तो रोशनी भी जा सकती है। नेत्र रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर एवं नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अदिति झुनझुनवाला ने बताया कि विभाग की ओपीडी में रोज़ाना 50 से 60 मोतियाबिंद के मरीज देखे जाते हैं, जबकि कुल ओपीडी 300 से 400 के बीच रहती है।
उन्होंने कहा कि 50 वर्ष की उम्र के बाद किसी को भी मोतियाबिंद हो सकता है। खासतौर पर शुगर और बीपी के मरीज अधिक प्रभावित होते हैं। संवाद