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Deoria News: आई फ्लू का प्रकोप, दो स्कूलों के 60 बच्चे आए चपेट में, दो दिन के लिए बंद

Wed, 26 Jul 2023 11:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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मेडिकल कॉलेज में नेत्र परिक्षण करते चिकित्सक।संवाद
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देवरिया। जिले में आई फ्लू का प्रकोप बढ़ गया है। रोजाना 50 से 60 मरीज मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचने लगे हैं। दाे स्कूलों में करीब 60 बच्चों के संक्रमण की चपेट में आने के बाद स्कूल प्रबंधकों ने स्कूलों को दो दिन के लिए बंद कर दिया है। कुछ ऐसा ही हाल रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर क्षेत्र में भी है। यहां भी आई फ्लू के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है।
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बारिश के मौसम में आई फ्लू यानी वायरल कंजेक्टिवाइटिस का लोग शिकार हो रहे हैं। मेडिकल काॅलेज के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में हर तीसरा मरीज आंख से पानी, लालिमा, जलन और दर्द की शिकायत लेकर आ रहा है। अगर परिवार में एक व्यक्ति को यह हो जा रहा है तो दूसरे सदस्य भी इसकी चपेट में आ जा रहे हैं।



मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के डॉ. एसके सिंह के मुताबिक बारिश के मौसम में वातावरण में नमी ज्यादा होने के कारण वायरस ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इन दिनों बड़ों से लेकर बच्चे तक वायरल के शिकार हो रहे हैं। हालत यह है कि स्कूल में एक बच्चा इसका शिकार हुआ तो कई बच्चे चपेट में आ जा रहे हैं। बुधवार को मेडिकल कॉलेज की आई ओपीडी में 390 मरीज आए, इसमें से करीब 145 आई फ्लू के थे। एक सप्ताह में तीस से चालीस प्रतिशत मरीज आई फ्लू के शिकार होकर आ रहे हैं।
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भटनी नगर के दो स्कूल संक्रमण के कारण बंद


भटनी नगर के दो स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद करना पड़ा है क्योंकि दोनों स्कूलों के 60 बच्चे आई फ्लू की चपेट में आए हैं। संक्रमण को देखते हुए स्कूल के प्रधानाचार्य ने दो दिनों के लिए बंद कर दिया है। जबकि दूसरी तरफ बुधवार को भटनी सीएचसी में ही 25 से अधिक मरीज आंख की समस्या को लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि सीएचसी में इन दिनों प्रतिदिन 20-25 मरीज आंखों की समस्या लेकर आ रहे हैं। बताया कि आई फ्लू संक्रमण ठीक होने में सात से दस दिन लग रहे हैं। भटनी क्षेत्र में आई फ्लू के मरीजों के संख्या में आए दिन वृद्धि हो रही है। सीएचसी प्रभारी डॉ. धनंजय कुशवाहा ने बताया कि आई फ्लू के मरीज बढ़े हैं। मरीजों को दवा वितरण के साथ ही साफ-सफाई रखने को कहा जा रहा है।














आंखों में संक्रमण हो तो...

- आंखों में पानी और लालिमा आते ही तुरंत डॉक्टर को दिखाएं



- आई फ्लू की चपेट में आए बच्चे को स्कूल न भेजें

- घर के दूसरे सदस्य संक्रमित व्यक्ति के सामान, तौलिया आदि का उपयोग न करें



- आई फ्लू के शिकार मरीज काला चश्मा लगाएं

- साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें



- आंखों पर बार-बार हाथ न ले जाएं

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वायरल के शिकार मरीज शीघ्र डॉक्टर को दिखाएं। वायरल होने पर आंख से पानी और लालिमा शुरू हो जाती है। कीचड़ आने लगता है, सुबह सोकर उठने पर आंख चिपक जाती है। एक-दो दिन बाद दर्द होने लगता है। अगर लापरवाही बरती गई तो आंख में अल्सर बनने का भी डर रहता है, जिससे आंख की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है।

- डॉ. कन्हैया प्रसाद, नेत्र रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज







हर घर में लोग हो रहे संक्रमित
बरहज। नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले करीब एक सप्ताह से आंखों के लाल होने की बीमारी के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। अस्पताल में रोजाना करीब 30-40 मरीज देखे जा रहे हैं। आईफ्लू के पांव पसारने से घर का हर एक सदस्य प्रभावित हो जा रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को अस्पताल परिसर में सुबह से ही मरीजों की भीड़ थी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय पाल के अलावा नेत्र चिकित्सक डॉ. बीएन वर्मा और डॉ. विवेक सिंह के चेंबर में मरीजों की लंबी लाइन लगी हुई थी। अस्पताल में 294 मरीज देखे गए। इनमें करीब 35-40 मरीज आईफ्लू की बीमारी से प्रभावित मिले। आई फ्लू से पीड़ित इलाज के लिए आए मदनपुर थाना क्षेत्र के नेतवार गांव निवासी कनक विश्वकर्मा के परिवार का लगभग हर सदस्य प्रभावित था। मरीजों के अनुसार अचानक आंख लाल होने के बाद खुजली हो रही है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अजय पाल ने बताया कि आंख की बीमारी से पीड़ित मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। निदान के लिए अधिकांश दवाएं उपलब्ध हैं। संवाद








तेजी से फैल रहा संक्रमण, चपेट में आ रहे अधिकांश स्कूली छात्र

रुद्रपुर। क्षेत्र में वायरल कंजक्टिवाइटिस तेजी से फैल रहा है। सीएचसी पर आंख की बीमारी से परेशान मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। अस्पताल में आंख आने से पीड़ित 10 से 15 मरीज रोज आ रहे हैं। यह बीमारी ज्यादातर बच्चों में फैल रही है। चिकित्सक दवा इलाज के साथ सफाई पर विशेष ध्यान देने को कह रहे हैं। यह संक्रामक रोग है। आंख की बीमारी की चपेट में अधिकांश स्कूली छात्र ही हैंं। सीएचसी के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. एसके राव ने कहा कि इधर एक सप्ताह से आंखों के फ्लू के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यह एक वायरल रोग है। इसमें आंख लाल हो जा रही है। उसमें खुजली हो रही है। पानी गिरने लगता है और दर्द होता है। इसका संक्रमण तेजी से फैलता है। कंजक्टिवाइटिस से संक्रमित व्यक्ति को सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसका संक्रमण एक सप्ताह तक रहता है। आंख को ठंडे पानी से धोना चाहिए और आई ड्राॅप डालना होगा। अस्पताल में बीमारी के इलाज के लिए आंख का ड्राॅप उपलब्ध है। उन्होंने आम जन को संक्रमण से बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाने, उसके उपयोग किए गए रुमाल आदि का प्रयोग नहीं करें। संवाद
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