देवरिया। जिला स्वास्थ्य समिति के शासी निकाय की बैठक सीएमओ कार्यालय के धन्वंतरि सभागार में हुई। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कार्य में लापरवाही बरतने वाली 32 आशाओं से स्पष्टीकरण तलब किया है। कहा कि आशा स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण कड़ी है। जनस्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की सफलता उन पर निर्भर करती है। ऐसे में कार्य में लापरवाही क्षम्य नहीं है।
उन्होंने परिवार नियोजन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया। बताया गया कि दिसंबर माह में आयोजित विशेष कैंप में अब तक 1174 नसबंदी हुई है। इसमें भलुअनी ब्लॉक में 45, बनकटा में 77 एवं गौरीबाजार में 66 नसबंदी शामिल है। इस वर्ष अभी तक करीब 2215 नसबंदी हो चुकी है। डीएम ने दूसरे बच्चे की डिलीवरी के बाद दंपतियों को नसबंदी कराने के लिए प्रेरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आयुष्मान कार्ड बनाने की गति तेज करने का निर्देश दिया। कहा कि 11 लाख लक्ष्य के सापेक्ष करीब साढ़े छह लाख कार्ड ही बने हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को अभियान चलाकर लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा।
जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा में बताया गया कि माह अक्टूबर तक 31,827 लक्ष्य के सापेक्ष 25,618 बच्चों का संस्थागत जन्म दर्ज किया गया है। डीएम ने 27 दिसंबर से 27 जनवरी तक छोटे बच्चों को विटामिन ए देने के अभियान की भी समीक्षा की। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने नवंबर माह में बेहतर प्रदर्शन किया है। एंबुलेंस 102, एंबुलेंस 108, टेली रेडियोलॉजी, बायोमेडिकल उपकरण के रखरखाव, मोबाइल मेडिकल यूनिट, सीटी स्कैन, डायलिसिस एवं प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस कार्यक्रम सहित आठ इंडिकेटरों में ए प्लस ग्रेड प्राप्त किया है।
इस दौरान सीडीओ प्रत्यूष पांडेय, एसीएमओ डॉ. संजय कुमार, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीसीपीएम डॉ. राजेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।