सती घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, बड़े पुत्र ने दी मुखाग्नि
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह का रविवार को पैना के सती घाट स्थित सरयू नदी तट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र शिववर्द्धन सिंह ने दिन में 11 बजे मुखाग्नि दी। नामचीन हस्तियों के अलावा हजारों की संख्या में उमड़े लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
सुबह दरवाजे से पूर्व मंत्री की शवयात्रा निकाली गई। शव उठने पर पत्नी मंजूलता का रुदन लोगों को झकझोर दे रहा था। शव यात्रा में सड़क पर पैर रखने के लिए तिल भर की भी जगह नहीं थी। लोग जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रेमप्रकाश सिंह का नाम रहेगा...आदि नारे लगा रहे थे। शवयात्रा में दलीय सीमाएं टूट गईं थीं। पूर्व मंत्री को कंधा देने के लिए लोगों की होड़ रही।
उनके पुत्र जयवर्द्धन सिंह, शक्तिवर्द्धन के अलावा अंतरराष्ट्रीय पहलवान केशव सिंह, शनिराज सिंह, जितेंद्र सिंह, प्रधान रविप्रताप सिंह, क्षेत्रीय विधायक दीपक मिश्र शाका, जयप्रकाश सिंह, पूर्व विधायक स्वामीनाथ यादव, प्रगतिशील किसान विजयेश्वरी सिंह, बीके सिंह, डाॅ. दिनेश सिंह, डॉ. ओमप्रकाश सिंह आदि ने कंधा दिया।
शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जहां लोगों ने पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात सती घाट स्थित नदी तट पर राजकीय सम्मान के बीच पूर्व मंत्री का अंतिम संस्कार किया गया। मौके पर सांसद रमापति राम त्रिपाठी, गोरखपुर ग्रामीण विधायक विपिन सिंह, कामेश्वर सिंह, एसडीएम गजेंद्र सिंह, सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, डर संजीव शुक्ला, नीरज शाही, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि निखिल सिंह राजा, एडवोकेट संजय सिंह, मुरली मनोहर जायसवाल, मऊ के अशोक सिंह, राणा सिंह, अमरेंद्र गुप्त, जयप्रकाश मिश्र, अंगद तिवारी, अब्दुल खालिक, राजन गुप्त आदि मौजूद रहे।
फोन पर राजनाथ सिंह ने बंधाया ढांढस
बरहज। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह का पार्थिव शरीर का गांव के सती घाट स्थित सरयू तट पर अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व मंत्री के बड़े पुत्र शिववर्द्धन सिंह के मोबाइल फोन पर शोक संवेदना प्रकट करते हुए ढांढस बंधाया।
निधन पर जताया शोक
लार। पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश सिंह के आकस्मिक निधन पर नगर के रामावती धर्मनाथ बालिका इंटर काॅलेज में रविवार को एक शोक सभा युवा नेता संतोष सिंह लारी की अध्यक्षता में हुई। इसमें वक्ताओं ने प्रेमप्रकाश सिंह के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उन्हें जिले के महान विकास जन नेता बताया। शोक सभा में लोगों ने दो मिनट का मौन रख कर उनकी आत्मा की शांति की प्रार्थना की। इस दौरान रामलाल भारती, विनोद सिंह, सुबाष सिंह, रोशन सिंह, कृष्णा सिंह, धीरज कुमार, अवधेश पांडेय, नित्यानंद यादव, भुखल यादव आदि ने अपने विचार व्यक्त किए। संवाद