साकेत नगर : 30 फीट चौड़ी सड़क पर भी दिन भर परेशान होते हैं राहगीर
वीआईपी मोहल्लों में है शुमार, दिन भर लोग होते हैं परेशान
देवरिया। साकेतनगर शहर के वीआईपी मोहल्लों में शुमार है। मेडिकल कॉलेज से सटे इस मार्ग पर पिछले 20 वर्ष में कई निजी नर्सिंग होम, मैरेज लाॅन, जिम, कई ब्रांड के शोरूम, स्कूल आदि बनने से इसका अब काफी विस्तार हो चुका हैं। हालांकि मुख्य मार्ग पर जगह-जगह अतिक्रमण कर लिए जाने से 30 फीट की सड़क चलने के लिए आधी बचती है।
रोडवेज से मेडिकल कॉलेज होकर आगे का मोहल्ला पूरा साकेतनगर में आता है। यह मार्ग खरजरवा होते हुए सोनूघाट मार्ग से होकर महुआनी तक चला जाता है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन वाले गुजरते हैं। बैकुंठपुर, नूनखार, भटनी व बिहार क्षेत्र से आने वाले लोग भी इस मार्ग का सहारा लेते हैं। हाल के वर्षों में यहां कई निजी डॉक्टरों के नर्सिंग होम भी खुले हैं।
कुछ को छोड़ दें तो किसी के पास अपनी पार्किंग व्यवस्था नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को लेकर आने वाले तीमारदारों के वाहन सड़क पर ही खड़े रहते हैं। यातायात पुलिस के न रहने से कई बार लोगों को देर तक जाम से फंसे रहना पड़ता है।
स्पीकअप
साकेत नगर की 30 फीट की सड़क पर कई जगह अतिक्रमण से चारपिहया वाहन चालकों को दिक्कत होती है। कई निजी नर्सिंग होम हैं, जिनकी अपनी पार्किंग नहीं है, ऐसे में बाहर से मरीज दिखाने आने वाले सड़क पर ही अपने वाहन खड़े कर देते हैं। - विवेक मिश्रा, साकेतनगर
हाल के वर्षों में साकेत नगर मोहल्ला शहर के नए बाजार के रूप में विकसित हुआ है। कई जनप्रतिनिधियों व राजनीतिक दल से जुड़े लोगों ने इधर मकान बनवाया है। लेकिन इस मार्ग पर मनमाने तरीके से दुकानें लगने से अक्सर जाम लगता है। -चंद्र विकास मिश्र, साकेतनगर
किसी कार्य साकेत नगर जाने पर परेशान होना पड़ता है। हाल के वर्षों में यहां कई मैरेज खुल गए हैं। लेकिन किसी के पास अपनी पार्किंग नहीं है। बरात आने की स्थिति आने-जाने वाले परेशान होते हैं। अतिक्रमण भी जाम का कारण है। -दीपक सिंह, उमानगर
30 फीट की सड़क व दोनों तरफ नालियों के ऊपर भी दुकानें लग जा रही हैं। ग्राहक इन दुकानों के सामने ही गाड़ी खड़ी कर देते हैं। ऐसे में सड़क 20 फीट से भी कम हो जाती है। नतीजन हर दिन इस मार्ग पर जाम से जूझना पड़ता है। -संजय कुमार, परशुराम चौराहा
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कोट
नगरपालिका क्षेत्र की सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद इन्हें नोटिस दी जाएगी। नहीं हटाने पर अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाएगा। -रोहित सिंह, ईओ नगरपालिका