मेडिकल कॉलेज में होना है निर्माण, बजट की पहली किस्त मिल चुकी है, हटाने के लिए निगम को लिखा गया है पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज परिसर में ट्रामा सेंटर को करंट का झटका लगा है। ट्रांसफार्मर न हटने से निर्माण कार्य शुरू करने में देर हो रही है। जबकि इसके लिए बजट को हरी झंडी मिल गई है और पहली किस्त भी अवमुक्त कर दी गई है। बिजली निगम को ट्रांसफार्मर हटाने के लिए पत्र लिखा गया है। ट्रामा सेंटर के न होने से गंभीर मरीजों को इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है और उन्हें रेफर करना पड़ता है। इसे हटाने के लिए सातवीं बार सीएमएस ने बिजली निगम को पत्र भेजा है।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीज आते हैं। इसमें 28 से 30 दुर्घटना में घायल होते हैं, जिसमें 10 से 12 मरीजों को ट्रामा सेंटर न होने के कारण रेफर करना पड़ता है। जबकि ठंड के मौसम में आग से झुलस कर तीन से पांच मरीज आते हैं। वहीं प्वाइजनिंग के मामले भी इमरजेंसी में पहुंचते हैं। इसमें गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा नहीं है। इन मरीजों को भी हायर सेंटर भेजना पड़ता है। इन मरीजों को इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल की मांग पर शासन से आठ माह पहले मंजूरी मिल गई। इसके लिए छह माह पहले बजट स्वीकृत कर दिया गया। मार्च माह में छह करोड़ रुपये अवमुक्त हो गया। ट्रामा सेेंटर के लिए चिह्नित पर स्थापित भवन को ध्वस्त कर दिया गया। पर यहां स्थापित ट्रांसफार्मर न हटने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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70 बेड का होगा ट्रामा सेंटर
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में इमरजेंसी के पास करीब 25 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर 1393 वर्ग मीटर में तीन मंजिला होगा। इसे सितंबर 2025 तक पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। इसमें ट्रॉमा के लिए तीस बेड, जबकि 20 बेड का बर्न और 20 बेड का ही टॉक्सिकोलॉजी वार्ड बनना है। यहां मॉड्यूलर ओटी, माइनर ओटी, मेडिकल पाइप लाइन, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, इंफ्यूजन पंप, मॉनीटर सहित अन्य अत्याधुनिक उपकरण होंगे। बर्न वार्ड पूर्ण रूप से वातानुकूलित होगा।
- ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य के लिए ट्रांसफार्मर हटाया जाना है। उसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बिजली निगम को पत्र लिखा गया है। जल्द हटा जाएगा। जून माह के प्रथम सप्ताह में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बन जाने से मरीजों और तीमारदारों को इलाज में आसानी होगी।एक बार फिर से पत्र भेजा गया है।
डॉ. एचके मिश्रा सीएमएस