33 केवी मेन लाइन में ब्रेकडाउन व मरम्मत, दस लाख की आबादी भीषण गर्मी से बेहाल रही
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। कसया-तरकुलवा के बीच 33 केवी मेन लाइन में पहले ब्रेकडाउन और फिर मरम्मत के चलते तरकुलवा विद्युत सबस्टेशन से जुड़े 400 गांवों की बत्ती 10 घंटे गुल रही। इससे करीब दस लाख की आबादी पूरे दिन भीषण गर्मी से बेहाल रही।
33/11 केवीए तरकुलवा बिजली घर की आपूर्ति कुशीनगर जिले के 132/33 केवी कसया पॉवर हाउस से होती है। इससे तरकुलवा उपकेंद्र पर लगे तरकुलवा, पथरदेवा, गढ़रामपुर व बंजरिया फीडरों से जुड़े करीब 400 गांवों के करीब दस लाख की आबादी को बिजली की आपूर्ति दी जाती है। बुधवार की सुबह 5:30 बजे के करीब कसया पॉवर हाउस की मेन लाइन में ब्रेकडाउन हो गया। इससे उपकेंद्र के तरकुलवा, गढ़रामपुर, पथरदेवा, कंचनपुर, सोन्हुला रामनगर, महुवा बजराटार, बालपुर श्रीनगर, महुआपाटन, नरायनपुर, बंजरिया, गुलहरिया, बालपुर श्रीनगर, मुण्डेरा बाबू आदि कस्बों सहित क्षेत्र के 400 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पांच घंटे बाद 10:30 बजे मेन सप्लाई की आपूर्ति चालू हुई। लेकिन, फिर से 2:30 बजे दोपहर में 33 केवी मेन लाइन में काम चलने का हवाला देकर बिजली निगम के जिम्मेदारों ने आपूर्ति ठप कर दी। साथ ही रात में सात बजे बिजली की आपूर्ति चालू होने की सूचना दी गई। इससे पूरे दिन में करीब 10 घंटे आपूर्ति बिजली आपूर्ति बंद रही।
ब्रेकडाउन और अघोषित विद्युत कटौती से लोगों के घरों में लगे इन्वर्टर जवाब दे गए। बिजली के बिना प्रचंड गर्मी में पूरे दिन उपभोक्ता त्राहि-त्राहि करते रहे। गर्मी व उमस से बेहाल होकर बच्चे परेशान रहे। लोगों के मोबाइल फोन की बैट्री डिस्चार्ज हो गई और टंकियों में पानी सूख गया। कस्बों के व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। बिजली-पानी को लेकर लोग पूरे दिन बेहाल रहे।
अवर अभियंता संदीप कुमार ने बताया कि सुबह मेन लाइन में ब्रेकडाउन था, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। 33 केवी मेन लाइन में काम चलने के चलते से 2:30 बजे से आपूर्ति बंद है। रात में आठ बजे के करीब आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।