पिपरा मदनगोपाल गांव में आठ लोगों में चिकेन पॉक्स बीमारी के लक्षण दिखने पर खलबली मच गई है। इसी बीमारी से 18 दिन पूर्व एक युवक की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने गांव का दौरा कर पीड़ित लोगों के खून के नमूने लिए।देसही देवरिया के पिपरा मदनगोपाल के राजनाथ सिंह (25) को 23 दिन पूर्व बुखार के साथ मटर के दाने जैसे फफोले पड़ गए। इसका इलाज देसही देवरिया के अलावा जिला अस्पताल में कराया गया । प्रारंभिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। 10 नवंबर को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अब मृतक राजनाथ की बहन रंजना और भांजी सुशीला में भी इसी तरह के लक्षण दिख रहे हैं। इसके अलावा गांव की शांति, पदमावती, देवव्रत, अजय, रानी भी बुुुखार और शरीर पर फफोले निकल आए हैं। वहीं पड़ोस के बरवां मानसिंह गांव के कुलदीप भी बुखार और शरीर पर फफोले से पीड़ित बताए जा रहे हैं। गांववालों ने तेजी से फैल रहे इस रोग की जानकारी पीएचसी पर दी। चिकेन पॉक्स के लक्षण दिखने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम को इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य महकमा और डब्ल्यूएचओ की संयुक्त टीम ने पीड़ितों के खून के नमूने लिए।