मेडिकल कॉलेज में नहीं मिल रही इको की सुविधा
लाइसेंस न मिलने से शुरू नहीं हो पा रही जांच, मरीजों को बाहर से करानी पड़ रही
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज में हृदय रोग के मरीजों के लिए इलाज की सुविधा है, लेकिन इको जांच की व्यवस्था नहीं है। संसाधन उपलब्ध होने के बाद भी मरीजों को यह सुविधा नहीं मिल पा रही है। मशीन है। जांच के लिए केबिन भी बनकर तैयार हो गया है। चिकित्सक भी हैं, लेकिन मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में मरीजों को जांच के लिए निजी जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है। जहां अधिक कीमत चुकानी पड़ती है। जांच शुरू करने में लाइसेंस आड़े आ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में हृदय रोगियों के इलाज के लिए व्यवस्था की गई है। यहां डीएम कॉर्डियो डॉ. अभिषेक अग्रवाल हैं। उनकी दो दिन ओपीडी है, अन्य दिनों मेडिसिन विभाग में मरीजों का इलाज होता है।
एक माह पहले करीब तीस से चालीस मरीज अस्पताल में पहुंचे थे, लेकिन ठंड की शुरुआत होते ही हृदय रोगियों की संख्या भी बढ़ गई है। इन दिनों तकरीबन साठ से सत्तर मरीज आ रहे हैं। चिकित्सक मरीजों का परीक्षण करते हैं। हार्ट में दिक्कत मिलने पर ईसीजी व एक्स-रे कराया जाता है। इसकी व्यवस्था अस्पताल में निशुल्क है। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर मरीज को इको की जरूरत होती है, लेकिन अस्पताल में इको जांच के इंतजाम नहीं हैं।
हालांकि, इको जांच के लिए मशीन काफी दिनों से रखी है, जो स्टोर में पड़ी है। इसके बावजूद मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है। ऐसे में मरीजों को मजबूरी में रेफर कर दिया जाता है तो कुछ मरीज मजबूरन प्राइवेट सेंटरों से जांच कराते हैं, जिससे उनपर आर्थिक बोझ पड़ता है।
लाइसेंस न मिलने से नहीं शुरू हो रही जांच
देवरिया। इको जांच के लिए लाइसेंस लेना होता है। इसके लिए सीएमओ कार्यालय में आवेदन करना होता है। इसके बाद समिति की रिपोर्ट पर लाइसेंस जिलाधिकारी के स्तर जारी की जाती है। हालांकि, अस्पताल की ओपीडी में ईसीजी के बगल में अलग से इको जांच के लिए केबिन बन कर तैयार है।
ये होते हैं हृदय रोग के लक्षण
मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सिराजुद्दीन ने कहा कि ठंड में हृदय रोगियों को सावधानी बरतनी चाहिए। बीपी के मरीजों को नियमित दवा लेनी चाहिए। घबराहट, बेचैनी, सीने में दर्द, सीने का दर्द बाएं हाथ में बढ़ना, अचानक सांस फूलना, पसीना आना और लेटने में दिक्कत होना हार्ट में दिक्कत के लक्षण होते हैं। इस स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। जल्द से जल्द चिकित्सक से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता
ठंड में हृदय रोग के मरीजों की संख्या बढ़ जाती है। खानपान पर ध्यान देना चाहिए। हर सीने का दर्द हार्ट अटैक नहीं होता, हर दर्द गैस का दर्द नहीं होता। सीने में दर्द होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। चिकित्सक से संपर्क कर चेकअप व ईसीजी कराना चाहिए।
ये बरतें सावधानी
हृदय रोग के मरीज ठंड से बचें
मेहनत का काम न करें
नमक, चीनी का सेवन कम करें
चिकनाई, तली चीज, फास्ट फूड से परहेज करें
सामान्य लोग भी फास्ट फूड, तली चीज, नमक, चीनी का सेवन कम करें
नियमित व्यायाम करें, पर खुले में नहीं घर के अंदर
कोट
अस्पताल के हृदय रोग विभाग में मरीजों के इलाज की सुविधा है। ईसीजी जांच की व्यवस्था है। इको जांच भी जल्द शुरू हो जाएगी। लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया गया है। लाइसेंस मिलने के बाद जांच प्रारंभ कर दी जाएगी।
-डॉ. आरके श्रीवास्तव, वरिष्ठ परामर्शदाता एवं प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक