लोकल रूट पर बसों का अभाव, चालकों की कमी भी बढ़ा रही समस्या
प्राइवेट वाहनों की चांदी, मनमाना किराया वसूल रहे
30 से 35 हजार लोग रोजाना कर रहे बसों से यात्रा
भीड़ के बावजूद भी नहीं चलाई जा रहीं अतिरिक्त बसें, प्राइवेट वाले उठा रहे लाभ
देवरिया। कई ट्रेनों के रुट डायवर्जन एवं कोहरे के चलते निरस्त होने के चलते लोग यात्रा के लिए रोडवेज की बसों का रूख कर रहे हैं। लेकिन यहां भी उन्हें निराशा हाल लग रही है। लोकल रुटों पर समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। बसों के खराब होने एवं चालकों के अभाव से भी समस्या बढ़ रही है। इसका फायदा प्राइवेट वाहन वाले उठा रहे हैं। वे यात्रियों से मनमाना किराया वसूल कर रहे हैं।
देवरिया डिपो से वर्तमान में 69 निगम की और 129 अनुबंधित बसें संचालित हो रही है। मंगलवार की दोपहर 1.30 बज यात्री बसों के लिए परेशान दिखे। कसया, पडरौना, पकहां, बघौचघाट, तरकुलवा के अलावा बरहज, दोहरीघाट, बड़हलगंज जाने से वाले यात्री सबसे ज्यादा दिक्कत झेल रहे थे। भागलपुर जाने के लिए बस में चढ़ने ही जद्दोजहद में एक महिला यात्री गिर भी गई। बाद में यात्रियों के उठाने पर वह संयत हो पाई। इस बीच कई प्राइवेट वाहन वहां मंडराते नजर आए। परेशान यात्री उनसे पूछताछ करते लेकिन किराया सुनकर मायूस होकर लौट आते दिखे.
कार्यशाला में खड़ी हैं 17 बसें
रोडवेज कार्यशाला में मंगलवार को परिवहन निगम की 17 बसें खड़ी मिलीं। इसमें से कई बसों में तकनीकी खराबी है। कुछ बसें लंबी दूरी की यात्रा से वापस आकर रुटीन जांच व धुलाई के लिए आई थीं। जूनियर फोरमैन अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि वर्तमान में देवरिया डिपो में 69 बसें निगम की हैं। कुछ दिनों पहले दो बसें दो गाजियाबाद डिपो से मिली है। एनसीआर में बीएसए-6 बसों के ही संचालन का नियम लागू होने से इन्हें यहां भेज दिया गया है। जो भी बसें खराब हैं, उनकी जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाएगी।
ये ट्रेनें निरस्त, रेलवे स्टेशन पर कम हो गए यात्री
रेल प्रशासन ने कोहरे के चलते चार दिसंबर से फरवरी माह तक करीब 10 ट्रेनों को निरस्त कर दिया है। इसमें सीतामढ़ी से आनंद बिहार को जाने वाली लिच्छवी एक्सप्रेस, सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा, जयनगर से अमृतसर जाने वाली शहीद, एक्सप्रेस, गोरखपुर-छपरा व गोरखपुर वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस, बापूधाम एक्सप्रेस, कटिहार-नई दिल्ली एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस शामिल हैं। वहीं छपरा रेलवे स्टेशन पर यार्ड में कार्य होने के चलते चार ट्रेनें पहले से निरस्त हैं। सदर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आई अंसारी ने बताया कि कोहरे के चलते कई ट्रेनें फरवरी माह तक निरस्त कर दी गई हैं। जो गाड़ियां हफ्ते में चार दिन चलती हैं, लेटलतीफ होने से उन्हें दो से तीन दिन चलाया जा रहा है।
-
स्पीकअप
बड़हलगंज जाना है। दो घंटे से यहां बस नहीं हैं, केवल बरहज तक ही बस जा रही है। सामान होने से कई जगह चढ़ाना उतारना पड़ेगा। -विनय प्रकाश, यात्री
-
ट्रेन निरस्त होने से बस से ही यात्रा करनी पड़ रही है। हालांकि समय से बस नहीं मिलने से घर पहुंचने में देरी हो जा रही है। जिम्मेदारों को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। -जान्हवीं पांडेय, छात्रा
-
जरुरत पड़ने पर बसों के फेरे बढ़ाए जा रहे हैं। सोमवार तक कार्यशाला में 14 गाड़ियां खड़ी थी, इसमें कुछ खराब थीं, कुछ चालकों के अभाव में खड़ी हैं। लगन के चलते रोडवेज परिसर में यात्री ज्यादा हैं। हर दिन 30 से 35 हजार यात्री बसों में यात्रा कर रहे हैं। इससे रोडवेज की आय चार दिसंबर को 26 लाख रुपये रही। -.राकेश पति त्रिपाठी, वरिष्ठ केंद्र प्रभारी, देवरिया डिपो