ग्राम पंचायत निधि प्रथम के बैंक खाते पर आठ माह से लगी रोक न हटाने, काम कराने के बाद भी राज्य वित्त का धन खाते में न भेजने और मानदेय न मिलने पर बृहस्पतिवार को प्रधान उग्र हो गए। नाराज प्रधानों ने जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया और डीपीआरओ को कार्यालय में ही दो घंटे तक घेरे रखा। बाद में ग्राम पंचायत निधि के खाते पर लगी रोक हटाने का आदेश जारी होने के बाद प्रधान मान गए। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मणि के नेतृत्व में बड़ी संख्या दोपहर करीब 12 बजे ग्राम प्रधान विकास भवन स्थित डीपीआरओ कार्यालय पहुंचे। यहां प्रधानों ने डीपीआरओ से ग्राम पंचायत निधि प्रथम के बैंक खाते पर आठ माह से लगी रोक हटाने, पूर्व में कराए गए कार्यों का भुगतान करने और मानदेय दिए जाने की मांग करने लगे। डीपीआरओ बीबी सिंह ने उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। लेकिन वे नहीं मानें। प्रधानों का कहना था कि जब तक आदेश जारी नहीं होगा, वह कार्यालय से नहीं हटेंगे और न ही उन्हें जाने देंगे। इस दौरान डीपीआरओ से प्रधानों की नोकझोंक भी हुई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस और प्रधानों को मनाने में जुट गई। लेकिन प्रधान टस से मस नहीं हुए और प्रशासन विरोधी नारे लगाते रहे। अपराह्न करीब दो बजे डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत निधि पर लगी रोक हटाने का आदेश जारी कर विकास भवन स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा में भिजवाया। तब गुस्साए लोग शांत हुए और कार्यालय से हटे। डीपीआरओ ने बताया कि जिले के 1017 ग्राम पंचायतों के ग्राम पंचायत निधि प्रथम के खाते पर लगी रोक हटा ली गई है। राज्य वित्त के दो किश्त का करीब 9.43 करोड़ रुपये खाते में भेज दी गई है। इस मौके पर शिवाजी राय, डॉ. चतुरानन ओझा, जनार्दन शाही, रामप्रकाश सिंह, जयप्रकाश यादव, शंभूनाथ कुशवाहा, संजय त्रिपुणायक, रबुल करीम आदि प्रमुख रूप से शामिल रहे।