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जर्जर दो मंजिला मकान गिरा, दबकर पति-पत्नी और बेटी की मौत

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अंसारी रोड स्थित जर्जर मकान के इसी कमरे का छत गिरने से पती पत्नी तथा बेटी की हुई मौत।संवाद - फोटो : DEORIA
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जर्जर दो मंजिला मकान गिरा, दबकर पति-पत्नी और बेटी की मौत
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तीन घंटे रेस्क्यू के बाद प्रशासन ने निकाले शव, परिवार के साथ रहता था व्यवसायी
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहर के अंसारी रोड पर स्थित एक व्यवसायी का जर्जर मकान सोमवार की भोर में गिर गया। मकान में किराए का कमरा लेकर रहने वाले पति-पत्नी और बेटी की मलबे में दबने से मौत हो गई। करीब तीन घंटे के रेस्क्यू के बाद तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। घटना के बाद काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। प्रशासन और पुलिस राहत बचाव कार्य में जुटी हुई है।
व्यवसायी सत्य प्रकाश बरनवाल का काफी पुरानी जर्जर दो मंजिला मकान अंसारी रोड पर है। जर्जर मकान में काफी समय से दिलीप (35) पुत्र गोपाल पत्नी चांदनी (30) रहते थे। दोनों मजदूरी कर भरण-पोषण करते थे। रविवार की रात पति, पत्नी और पुत्री चांदनी (2) नीचे के तल के कमरे में एक ही पास सोए थे। जबकि इसी तल पर मां प्रभावती देवी भी सोई थीं। भोर में उनकी नींद खुल गई और उठकर बाहर निकलीं, इसी दौरान अचानक मकान भरभरा कर गिर गया। इसमें तीन लोग दब गए।
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तेज आवाज सुनकर मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंच गए और डॉयल 112 को सूचना दी। पुलिसकर्मियों ने घटना के बारे में आला अफसरों को जानकारी दी। मौके पर एसपी संकल्प शर्मा, सीओ श्रीयश त्रिपाठी सहित अन्य दमकल विभाग के कर्मियों तथा गाड़ी के साथ पहुंच गए। दमकलकर्मियों की सहायता से करीब तीन घंटे के प्रयास के बाद तीनों को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया।
मलबे में समाया कुनबा, संयोगवश बच गई मां
देवरिया। करीब 90 साल पुराने भवन में दिलीप उसकी पत्नी और मां प्रभावती देवी रहती थीं। जबकि इसके बगल में कमरे में दिलीप का भाई मनोज इसी जर्जर मकान में रहता है। करीब तीन पीढ़ी से इस मकान में यह परिवार गुजर करता है। मकान को लेकर भवनस्वामी और किराएदार का न्यायालय में विवाद भी चला आ रहा है।
दिलीप के दादा इस मकान में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे थे। यह तीसरी पीढ़ी है कि दिलीप और उसका भाई मनोज मकान में हैं। घटना की रात दोनों भाई अलग-अलग भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। मां प्रभावती देवी बेटे दिलीप के साथ रहती थीं। करीब साढ़े तीन बजे भोर में मां सोकर उठीं और बहार बाथरूम के लिए निकल गईं। इसी दौरान अचानक दिलीप का कमरा भरभरा कर गिर गया। बगल में सोए भाई मनोज और कुछ ही देर में लौटी मां प्रभावती ने देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया।
करीब आधे घंटे बाद पुलिस महकमा और आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और राहत, बचाव के कार्य में जुट गए। मलबा हटाने में करीब ढाई से तीन घंटे का समय लग गया। तब तक दिलीप का पूरा कुनबा मौत की नींद सो चुका था। शव निकलते ही पूरा परिवार दहाड़ें मार कर रोने लगा। आसपास के लोग सांत्वना देने में जुट गए। संवाद
सांसद, डीएम, एसपी ने पीड़ित परिवार के जख्म पर लगाया मरहम
देवरिया। शहर के बीच मोहल्ले में संकरी गली स्थित पुराने मकान के मलबे में दबकर मरने की सूचना पर सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा मौके पर पहुंच गए। हर तरफ रोने की आवाज सुनाई पड़ रही थी। यह देखकर मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।
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सांसद ने दिलीप की मां और भाई के परिजनों को ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित परिजनों को दाहसंस्कार के लिए आर्थिक मदद की। जबकि दूसरी तरफ आपदा राहत कोष से प्रत्येक को चार-चार लाख रुपये दिलाने की बात कही गई। इसके लिए मां प्रभावती देवी का आला अफसरों ने बैंक खाता और आधार नंबर लिया। सभी ने एक स्वर से मदद करने का आश्वासन दिया। इस दौरान एएसपी राजेश कुमार, एसडीएम सौरभ सिंह, ईओ रोहित सिंह, सभासद अजय गुप्ता, अनूप पांडेय, भाजपा नेता अमित मोदनवाल, उद्योग व्यापार मंडल के अजय वर्मा, किराना मंडी महामंत्री अमर नाथ गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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