देवरिया। जिलाधिकारी अखंड प्रताप सिंह और एसपी संकल्प शर्मा ने बुधवार की देर रात मेडिकल काॅलेज के गेट पर निजी एंबुलेंस के खिलाफ अभियान चलाया। डीएम और एसपी के पहुंचते ही एंबुलेंस चालकों में अफरातफरी मच गई। मौके से 11 एंबुलेंस पकड़ी गईं और नाै चालकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जबकि दो फरार हो गए।
काफी समय से जिलाधिकारी को शिकायत मिल रही थी कि मेडिकल कालेज के गेट पर निजी एंबुलेंस चालकों को जमावड़ा रहता है। यह निजी अस्पतालों के संचालकों से साठगांठ कर मरीजों को मोटी रकम के चक्कर में भेज देते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम और एसपी खुद बुधवार की रात करीब दस बजे मेडिकल काॅलेज के गेट पर पहुंच गए। जहां पर साथ में पहुंचे सीओ श्रीयश त्रिपाठी और एसडीएम योगेंद्र कुमार ने मौके से 11 एंबुलेंस को पकड़ लिया। कोतवाल दिनेश मिश्र ने नौ चालकों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया। जबकि डीएम ने एंबुलेंस के खिलाफ कार्रवाई के लिए एआरटीओ एके शुक्ला को बुलाया। एआरटीओ ने सभी एंबुलेंस को सीज कर पुलिस लाइन भेजवा दिया। डीएम की इस कार्रवाई के बाद एंबुलेंस चालकों में हड़कंप है। डीएम ने बताया कि निजी एंबुलेंस किसी भी हाल में मेडिकल काॅलेज और अन्य सरकारी अस्पतालों के पर खड़ी नहीं होंगी। ऐसे चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।