लबकनी के दो व्यक्तियों ने दायर किया है वाद
गांव में संकरा है मार्ग, किसानों की जमीन का हो रहा है दोहन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। उच्च न्यायालय के आदेश पर डीएम अखंड प्रताप सिंह सोमवार को अधिकारियों के साथ लबकनी ईश्वर गांव पहुंचे। जहां उन्होंने मौके का मुआयना करते हुए ग्रामीणों से पूछताछ की। ग्रामीणों ने करीब साढ़े पांच मीटर चौड़ी बनाए जाने वाली प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क के लिए गांव में तीन मीटर का ही हाशिया होना बताया। बिना किसी तरह का मुआवजा दिए इस सड़क का निर्माण होने से किसानों की जमीन का दोहन हो रहा है।
उच्च न्यायालय में लबकनी ईश्वर गांव के बिजेंद्र राय और वेदप्रकाश राय पुत्रगण महेंद्र राय की ओर से 17 जनवरी को वाद दायर किया गया था। जिस पर न्यायालय ने डीएम अखंड प्रताप सिंह से जांच कर रिपोर्ट मांगी है। लोगों के अनुसार, करीब 47,977 लाख की लागत से बारा दीक्षित से भीखमपुरा तक पांच किलोमीटर सड़क बनाई जानी है। इसकी चौड़ाई साढ़े पांच मीटर होगी।
लबकनी ईश्वर गांव में बनने वाली सड़क के किनारे अशोक तिवारी, सतेंद्र तिवारी, हरेंद्र तिवारी, मारकंडेय, आद्या पांडेय, दयाशंकर चौबे, मुन्ना आदि का पक्का मकान है। वहीं, इंद्रावती, रीना, रीता आदि के नाम सरकारी आवास बनाए गए हैं। इसके कारण सड़क को साढ़े पांच मीटर की जगह साढ़े तीन मीटर ही जगह मिल पा रही है। अधिकारियों से ग्रामीणों ने अंधेरे कोठरी में प्रस्ताव पास करना बताया।
वहीं, अधिकारी उद्देश्यपूर्ण नहीं होने पर सड़क का कोई औचित्य नहीं होना बता रहे थे। डीएम ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में स्थलीय निरीक्षण किया गया है। रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी। मौके पर एडीएम वित्त व राजस्व अरुण कुमार राय, एसडीएम रुद्रपुर रत्नेश तिवारी, तहसीलदार अरुण कुमार, नायब तहसीलदार रमेश गुप्त, एक्सईएन पीडी सूर्यप्रकाश, इंस्पेक्टर राहुल कुमार सिंह, प्रेम कुमार, नवनीत सिंह, त्रिभुवन सोनकर, लेखपाल दिग्विजय नाथ पांडेय, रामप्रताप, परवीन, परमहंस राय आदि मौजूद रहे।