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Deoria News: जूनियर स्टेट कुश्ती में जिले की होगी दमदार भागीदारी, खिलाड़ी कर रहे तैयारी

Thu, 21 Sep 2023 12:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। जूनियर स्टेट बालक कुश्ती में प्रतिभाग के लिए जनपद के भी छह खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करेंगे। जिला ट्रायल के बाद इनका चयन मंडल ट्रायल के लिए हुआ है। खेल अधिकारियों का मानना है कि इनमें से ही खिलाड़ी गोरखपुर मंडल से चयनित होकर जिले का मान बढ़ाएंगे।
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खेल निदेशालय और उत्तर प्रदेश कुश्ती संघ की ओर से 28 से 30 सितंबर तक गोरखपुर में प्रदेश स्तरीय समन्वय जूनियर बालक कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित होगी। इसमें प्रतिभाग के लिए जनपद के खिलाड़ी भी अपनी तैयारी कर रहे हैं। बुधवार को स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनपद ट्रायल में कुल आठ खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें मंडल ट्रायल के लिए हरिकेश कन्नौजिया, अंगद यादव, सन्नी भारद्वाज, विजय यादव, शैलेंद्र कुमार, धीरज सोनकर का चयन 22 सितंबर को गोरखपुर में होने वाले मंडल ट्रायल के लिए किया गया। क्रीड़ाधिकारी राज नारायण प्रसाद ने बताया कि गोरखपुर मंडल की फाइनल टीम की घोषणा मंडलीय ट्रायल के बाद किया जाएगा। उम्मीद है कि छह खिलाड़ियों में से ही कई खिलाड़ी इसमें चुने जाएंगे।


इन भार वर्गों में दिखाएंगे दमखम
जूनियर बालक स्टेट कुश्ती के लिए फ्री स्टाइल में 57, 61, 65, 70, 74, 79, 86, 93, 97, 125 किलोग्राम एवं ग्रीको रोमन के लिए 55, 60, 63, 67, 72, 77, 82, 87, 97, 130 किलोग्राम भार वर्ग निर्धारित किया गया है।
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आयु वर्ग निर्धारित होने से पूरी जनपद टीम नहीं चुनी जा सकी
कुश्ती प्रतियोगिता फ्री स्टाइल व ग्रीको रोमन में दस-दस भार वर्गों में आयोजित होगी। जिला ट्रायल में मात्र आठ ही खिलाड़ी उपस्थित हुए। यह हाल तब है जब रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल निदेशालय की ओर से कुश्ती का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर एवं खेलो इंडिया योजना के तहत साई की ओर से प्रशिक्षण शिविर संचालित किया जाता है। दो-दो शिविर के बावजूद खिलाड़ियों की कम संख्या होना खेलप्रेमियों को खटकता है। क्रीड़ाधिकारी राज नारायण प्रसाद ने बताया कि प्रदेश स्तरीय जूनियर बालक कुश्ती प्रतियोगिता के लिए खेल निदेशालय ने वर्ष 2003 से 2006 के बीच जन्मे खिलाड़ियों को ही प्रतिभाग करने का पात्र माना है। स्टेडियम में जो खिलाड़ी कुश्ती सीखने आते हैं वह इस आयु वर्ग में कम हैं। इसलिए खिलाड़ियों की संख्या कम रही।
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