देवरिया। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट ने बृहस्पतिवार की शाम को डीआईओएस कार्यालय के मुख्य चैनल पर तालाबंदी कर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि जिला विद्यालय निरीक्षक अक्सर अपने कार्यालय से गायब रहते हैं और इस दौरान कर्मचारी अपनी मनमानी करते हैं। पूर्व सूचना के बाद चार घंटे प्रदर्शन के बाद भी उनका ज्ञापन लेने जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचे, ऐसे में उन्हें यह रवैया अपनाना पड़ा।
डीआईओएस कार्यालय के मुख्य गेट पर शिक्षकों की ओर से तालाबंदी किए जाने से कार्यालय के कर्मचारी करीब दो घंटे तक अंदर ही बंद रहे और ऐसे में अफरा तफरी का माहौल रहा। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट से जुड़े आक्रोशित शिक्षक अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। शाम को साढ़े सात बजे सीओ सिटी डॉ. श्रीयश त्रिपाठी सहित अन्य अधिकारियों के पहुंचने के बाद शिक्षकों का आक्रोश शांत हुआ। शिक्षकों का आरोप था कि एरियर, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, अगस्त 2022 से एनपीएस प्रान खाते में नहीं भेजा गया है, पुराने अध्यापकों का एरियर भी उनके प्रान खाते में नहीं दिया गया है, नए अध्यापकों को प्रान आवंटित नहीं किया गया है। तीन बार डीआईओएस से वार्ता किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद तीनों बार वह गायब रहे। पांच अक्तूबर को उन लोगों ने इस संबंध में चेतावनी भी दी थी कि 26 अक्तूबर को वह कार्यालय का घेराव करेंगे, हालांकि कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था।
पदाधिकारियों के साथ डीआईओएस ने की वार्ता, दिया आश्वासन
संगठन के प्रदेश महामंत्री राजीव यादव व जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार सिंह डीआईओएस के आने के बाद उनसे वार्ता करने गए। इस दौरान पदाधिकारियों व डीआईओएस में बहस भी हुई। डीआईओएस वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि इस तरह शाम को आकर कार्यालय का घेराव करना और मुख्य गेट को बंद करना अनुशासनहीनता व शिक्षक मर्यादा के खिलाफ है। संगठन की मांगों पर विचार किया जाएगा। जो भी समस्याएं है उनका समाधान कराने का प्रयास होगा।