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Deoria News: सीबीएसई और यूपी बोर्ड की काॅपियों के मूल्यांकन पारिश्रमिक में तिगुने का अंतर

Fri, 17 Mar 2023 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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जिले में चार केंद्रों पर चल रहा है सीबीएसई की कॉपियों का मूल्यांकन
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18 मार्च से पांच केंद्रों पर होगा यूपी बोर्ड की काॅपियों का मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सीबीएसई और यूपी बोर्ड की काॅपियों का मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों को मिलने वाले पारिश्रमिक में तिगुने तक का अंतर है। इसे लेकर शिक्षक वर्ग में अंसतोष रहता है। उनका कहना है कि इसे पाटने की आवश्यकता है, ताकि यूपी बोर्ड के शिक्षकों को भी उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सके।
जिले में सीबीएसई की परीक्षाएं चल रहीं हैं, वहीं इनकी कापियों का मूल्यांकन भी चार केंद्रों पर शुरू हो गया है। सीबीएसई की काॅपियों के मूल्यांकन के लिए प्रति काॅपी परीक्षक को वर्तमान में 40 रुपये और 100 रुपये रिफ्रेशमेंट के रूप में मिलता है।
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वहीं, यूपी बोर्ड में हाईस्कूल की उत्तर पुस्तिका के लिए 11 रुपये व इंटर के लिए 13 रुपये प्रति उत्तर पुस्तिका हर परीक्षक के लिए निर्धारित है। वहीं, जलपान व्यय मद में प्रतिदिन 20 रुपये व स्थानीय परीक्षकों को वाहन व्यय मद में 27 रुपये प्रतिदिन दिया जाता है।

जांची जा रही अंग्रेजी विषय की काॅपियां
सीबीएसई के जिला समन्वयक व वीके शुुक्ला ने बताया कि देवरिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर देवरिया खास, सेंट्रल एकेडमी, सेंट जेवियर्स स्कूल सलेमपुर में अंग्रेजी विषय की काॅपियों की जांच चल रही है। उनके यहां प्रति काॅपियों के लिए परीक्षक को 40 रुपये व लंच के लिए 100 रुपये अलग से निर्धारित हैं।

300 प्रधान परीक्षक, 2972 परीक्षक जांचेंगे यूपी बोर्ड की काॅपियां
यूपी बोर्ड की काॅपियों के मूल्यांकन की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। हाईस्कूल के लिए एसएसबीएल इंटर कॉलेज, अशोक इंटर कॉलेज डुमरी, गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज मझगांवा व इंटर के लिए जीआईसी, बीआरडी इंटर कॉलेज को मूल्यांकन केंद्र बनाया गया है। इस बार 300 प्रधान परीक्षक और 2972 परीक्षक इसमें ड्यूटी करेंगे। माशिसं ने उठाई मूल्यांकन पारिश्रमिक में वृद्धि की मांग
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार त्रिपाठी व मंत्री विजय भारत सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से पिछले कई वर्षों से पारिश्रमिक मूल्य में वृद्धि किए जाने की मांग की जाती रही है। मूल्यांकन केंद्रों पर 30 से 40 किलोमीटर दूर से शिक्षक ड्यूटी करने आते हैं। सीबीएसई के परीक्षकों के मुकाबले इन्हें कम पारिश्रमिक दिया जाता है। जो मिलता है उसमें भी लेटलतीफी होती है।
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कोट
शासन की ओर से जो पारिश्रमिक निर्धारित किया गया है, वह परीक्षकों को दिया जाता है। इस बार 15 दिन के अंदर यूपी बोर्ड के परीक्षकों के पारिश्रमिक का भुगतान कर दिया जाएगा। लेटलतीफी का मुख्य कारण विद्यालयों की ओर से बिल बाउचर समय से विभाग को न उपलब्ध कराना है।
डॉ. विनोद कुमार राय, डीआईओएस
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