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उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने से इमरजेंसी की व्यवस्था लड़खड़ाई

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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में एक ही बेड पर दो दो मरीजों का हो रहा इलाज। संवाद - फोटो : DEORIA
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उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ने से इमरजेंसी की व्यवस्था लड़खड़ाई
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कई बेड पर दो तो कहीं स्ट्रेचर पर हो रहा मरीज का इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है। मरीजों की भीड़ के कारण इमरजेंसी की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। संसाधन कम पड़ जा रहे हैं। सभी को बेड नहीं मिल पा रहा है। कई बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज किया जा रहा है तो कुछ का स्ट्रेचर पर ही उपचार करना पड़ रहा है। व्यवस्था न होन से मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ले के तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में लोग उदल्टी-दस्त से बीमार हैं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के इमरजेंसी में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। इसका असर व्यवस्था पर पड़ रहा है।
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सोमवार को सुबह से दोपहर तक उल्टी-दस्त से पीड़ित तकरीबन चालीस से अधिक लोग पहुंचे। मरीजों की संख्या अधिक होने से स्वास्थ्य कर्मी व तीमारदार परेशान रहे। सोलह बेड फुल थे। पांच बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज चल रहा था।
वहीं, रामनाथ देवरिया मोहल्ले की माया देवी का स्ट्रेचर पर तथा रामगुलाम टोला निवासी गीता देवी, रामपुर कारखाना के बहादुरपुर निवासी राजेंद्र प्रसाद, रामनाथ देवरिया निवासी गिरजा देवी, विजयीपुर के अमवा निवासी मिंटू देवी, खुखुंदु के पिपरा मिश्र निवासी जानकी देवी आदि उपचार चल रहा था। तीमारदारों के बार-बार बुलाने पर स्वास्थ्य कर्मी परेशान रहे।
वहीं, मेल मेडिकल वार्ड में भटवलिया निवासी रूदल, नगर पालिका रोड के मोती चंद, अबूबकर नगर मोहल्ले के मोहनुद्दीन, खुुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी खास की लक्ष्मी पांडेय तथा सर्जिकल वार्ड नंबर दो में उमानगर मोहल्ले के सत्यम, रामगुलाम टोला के काशीनाथ तिवारी, नवीन मंडी के निकट की सुजाता को भर्ती कराया गया। महिला मेडिकल वार्ड में बांकी सिंगही की आशा देवी, बरारी की निरमा, रामनाथ देवरिया मोहल्ले की काजू कुमारी, इसी मोहल्ले की फुलझारी देवी, पुष्पा व पैना की नेहा को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
उधर, पीआईसीयू में मरीज भरे हैं। दो बेड पर दो-दो तथा बीस बेड का चिल्ड्रेन वार्ड भी मरीजों से भरा है। इसमें दो वार्ड में कुल 38 मरीज थे। इसमें उल्टी दस्त से पीड़ित 13 मरीजों का इलाज चल रहा था।
उल्टी व पेट दर्द से पीड़ित युवक की मौत
पैकौली। सदर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम सुरौली निवासी मोहन गोंड (40) पुत्र सूर्यभान गोंड की चार दिन से तबीयत खराब थी। वह मूक बधिर था। उसके पेट में दर्द था और उल्टी हो रही थी। परिजनों ने सोमवार को उसे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सीएमओ डॉ. राजेश झा ने बताया कि सूचना मिलने पर जानकारी कराई तो पता चला कि वह डायरिया से पीड़ित नहीं था। पेट में दर्द और उल्टी हो रही थी, लेकिन गांव में टीम भेज कर जांच कराई जाएगी। संवाद
रामनाथ देवरिया में स्वास्थ्य टीम ने किया भ्रमण
देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्ले में स्वास्थ्य विभाग की टीम भ्रमण कर ही है। सोमवार को चौथे दिन भी चारों टीमों ने घर-घर भ्रमण किया और लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। पीएचसी रामनाथ के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत युवराज ने बताया कि उल्टी-दस्त का एक मरीज आया था, उसका इलाज किया। टीमें मोहल्ले में नजर रखे हुए है।
रामनाथ देवरिया के युवक की मौत
देवरिया। शहर के रामनाथ देवरिया दक्षिणी मोहल्ले में उल्टी-दस्त से पीड़ित एक युवक रविंद्र गिरि 45 को रविवार की रात इमरजेंसी में भर्ती कराया गया, जहां आराम मिलने पर सोमवार की सुबह छुट्टी दे दी गई। दोपहर में फिर तबीयत बिगड़ गई। परिजन लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, जहां हालत गंभीर देख उसे जिला अस्पताल भेज दिया गया। इमरजेंसी पहुंचने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसकी मां भी उल्टी-दस्त से पीड़ित बताई जा रही है।
उल्टी-दस्त के बढ़ते मरीजों को देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क
एमसीएच विंग में बनेगा बीस बेड का वार्ड, चिकित्सक व पैरा मेडिकल स्टाफ की रहेगी तैनाती
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क हो गया है। मरीजों के बेहतर इलाज की सुविधा के लिए कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत अलग से वार्ड बढ़ाया जाएगा। वहीं, चिकित्सक तथा पैरामेडिकल स्टाफ को तैनात करने के साथ ही दवा व अन्य सामान उपलब्ध रहेंगे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल की इमरजेंसी में उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीजों की भीड़ हो जा रही है। इससे मरीजों के इलाज में दिक्कत आ रही है। वहीं, वार्डों में भी बेड भर जा रहे हैं। छुट्टी होने के साथ ही मरीज पहुंच जा रहे हैं। इसे देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन सतर्क हो गया है। मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए तैयारी की गई है। इसके मद्देनजर जिला महिला अस्पताल स्थित एमसीएच विंग में के प्रथम तल पर बीस बेड के अस्थायी वार्ड बनाने की तैयारी है। यहां उल्टी-दस्त के मरीजों का इलाज किया जाएगा।
वार्ड में जूनियर रेजिडेंट तथा स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय सहित अन्य कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। इसके साथ ही ओपीडी में मेडिसिन विभाग के चिकित्सक आन काल उपलब्ध रहेंगे। वार्ड में ऑक्सीजन, दवा सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी, ताकि अस्पताल आने वाले मरीजों को बेड के लिए परेशान न होना पड़े और उन्हें इलाज की बेहतर सुविधा मिल सके।
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कोट
अस्पताल की इमरजेंसी में उल्टी-दस्त के मरीजों के बढ़ने से परेशानी आ रही है। इसे देखते हुए बीस बेड का वार्ड बनाने की तैयारी की गई, ताकि मरीजों को इलाज में सहूलियत मिल सके।
-डॉ. एचके मिश्रा, प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक
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