भाटपार रानी। कृषि विज्ञान केंद्र, मल्हना में खेत बचाओ अभियान के तहत शनिवार को ढैंचा की फसल खेतों के लिए वरदान विषय पर प्रशिक्षण दिया गया। केंद्र के अध्यक्ष डॉ. मांधाता सिंह ने कहा कि ढैंचा की फसल मिट्टी के स्वास्थ्य को सुधारने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. कमलेश मीना ने बताया कि एक हेक्टेयर क्षेत्र में उगाई गई ढैंचा की फसल को खेत में पलटने पर करीब 25 से 30 किलोग्राम नाइट्रोजन तत्व उपलब्ध होता है।