बरहज। नगर के नंदना पश्चिमी वार्ड स्थित एक शिक्षण संस्थान में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित विश्वनाथ त्रिपाठी की स्मृति में आयोजित संगीतमयी श्रीराम कथा के चौथे दिन बृहस्पतिवार को केवट प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथावाचक पंडित विनय मिश्र ने प्रभु श्रीराम के वनगमन के दौरान गंगा तट पहुंचने और केवट से हुए संवाद की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के गंगा तट पहुंचने पर केवट ने नाव से पार कराने से पहले प्रभु के चरण पखारने की इच्छा जताई। केवट ने चरणामृत अपने और परिवार के सदस्यों में वितरित किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे रहे। इस दौरान अरविंद त्रिपाठी माैजूद रहे। संवाद