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Deoria News: शहर के साथ गांव, कस्बों का हुआ विकास, बदल गया साेच

Thu, 15 Feb 2024 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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सलेमपुर तहसील क्षेत्र में निरंतर हो रही प्लाटिंग।संवाद
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शहरी क्षेत्र के पास के गांवों में हो रहा है तेजी से विकास, पहले बीघा में बिकती थी जमीन, अब वर्ग फीट में हो रहा है सौदा
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। शहरी क्षेत्र के बाहर विकास ने ऐसा आकार लिया है कि गांव, कस्बे भी शहर बनने लगे हैं। फोरलेन और ओवरब्रिज ने गांवों को शहर से इस कदर जोड़ दिया है कि गांव से शहर पहुंचना काफी आसान हो गया है। जबकि, गांवों में ही अच्छे स्कूल, अस्पताल और शोरूम की सुविधाएं भी मिल रही हैं। यही कारण है कि लोगों का सोच बदला और शहर में बसने का सपना देखने वाले लोग गांव में ही आशियाना बना रहे हैं। इसी का फायदा उठाते हुए जमीन के धंधेबाजों ने खेतों में प्लॉटिंग करना शुरू कर दिया है।
शहर के आसपास हुए विकास कार्यों का असर है कि जहां बीघे में जमीन बिकती थी, वहां वर्गफीट में जमीन का सौदा होने लगा है। गांव के प्रति लोगों का सोच बदल गया है। संवाददाता ने बुधवार को विकास की स्थिति देखी तो पांच वर्ष के दौरान जो विकास हुए हैं, उससे पूरी तस्वीर बदल गई है। गांवों की तस्वीर और भी बदलने की संभावना है।
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देवरिया शहर से चार किमी दूर आईटीआई पहले गांव में था, लेकिन अब वहां कई मकान बन रहे हैं। सोंदा ताल अब शहर के रूप में आकार ले रहा है।
दानोपुर, परसिया अहिर, अगस्तपार में प्लाॅटिंग हो रही है। वहां दस निजी अस्पताल और छह स्कूल बन गए हैं। वहीं, शहर से छह किमी दूर सोनू घाट में जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। निजी अस्पतालों के साथ स्कूल हैं तो मैरिज हाॅल भी बन गया है।
शहर से सात किमी दूर परसिया मल्ल के पास 10 से अधिक शोरूम खुल गए हैं। शहर से छह किमी दूर महुआनी चौराहा के पास ईद-गिर्द स्कूल तेजी से खुल रहे हैं। सोनूघाट के पूर्व प्रधान इंद्रजीत यादव ने बताया कि शहर के किनारे गांवों का बहुत तेजी से विकास हो रहा है। पहले चार किमी शहर का दायरा था, लेकिन अब शहर से 10-15 किमी दूरी तक के गांवों में शहर जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। शहर और सोनू घाट के बीच पहले सुनसान इलाका था, लेकिन सड़क के किनारे आलीशान इमारतें बन रही हैं।
सलेमपुर क्षेत्र के अहिरौली, कस्बा बाग, कौड़िया जयराम, गोपालपुर, चकनदावर, चक मुस्तफा, जिगनीबाद, जमुवा, देवपार, देवरिया उर्फ शामपुर, नदावर, निजामाबाद, परान छपरा, बेलपार, बभनौली, बंजरिया, महदहा, सोनबरसा, सलेमपुर कस्बा, हंदुआ उर्फ औरंगाबाद समेत कई गांवों में विकास तेजी से हुआ है। इसके चलते यहां जमीन की कीमत काफी महंगी है। चार मीटर वाली सड़क की जमीन की कीमत 8200 रुपये वर्ग मीटर, नौ मीटर से अधिक सड़क की कीमत 8800 रुपये प्रति वर्ग मीटर है।
इसी प्रकार रुद्रपुर, बरहज, भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में कस्बे के किनारे बसे गांवों में तेजी से विकास हो रहे हैं।


तेजी से बढ़ रहा जमीन का भाव
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नगर पालिका परिषद देवरिया के वार्ड नंबर 15 के सभासद शिवानंद मिश्रा ने बताया कि जहां विकास की किरणें पहुंच चुकी हैं, वहां गांवाें की जमीन के दाम आसमान छू रहे हैं। लगातार प्लाॅटिंग की जा रही है। शहर और हाईवे के नजदीक जमीन ज्यादा महंगी है।
फोरलेन के किनारे की जमीन 10 हजार रुपये वर्ग फीट तक बिक जा रही है। अंदर की सड़कों के किनारे की जमीन दो हजार रुपये वर्ग फीट बिक रही है।

कोट
देवरिया शहर की तरह सलेमपुर का विकास हो रहा है। अब बच्चों को पढ़ने के लिए और बीमार लोगों का इलाज कराने के लिए मुख्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। अब लोग गांवों में भी शहर जैसा नक्शा बनवाकर मकान बना रहे हैं।
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-नीलम देवी, सलेमपुर


जो लोग शहर में बसना चाहते थे। उन्होंने मन बना लिया है कि गांव में ही रहना है। यही कारण है कि जमीन की कीमत तेजी से बढ़ रही है। गांव में ही अच्छी सुविधाएं मिलने लगी हैं। गांव से शहर जाने में अब ज्यादा समय नहीं लग रहा है।
-विनोद श्रीवास्तव, सलेमपुर
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