वोटरलिस्ट की खामियों के चलते बूथ पर पहुंचे मतदाताओं को मायूूसी हाथ लगी। युवाओं की बात कौन कहे 80 और 90 वर्ष के बुजुर्गों का नाम भी वोटरलिस्ट से गायब था। वहीं कई जगहों पर लोगों ने शिकायत की कि उनका वोट बूथ पर पहुंचने से पहले ही डाल दिया गया। इसको लेकर कई जगहों पर पीठासीन अधिकारियों और मतदान कर्मचारियों से लोगों की नोंकझोंक भी हुई। हालांकि सारी कवायद के बावजूद वोटरों के हाथ निराशा ही लगी। पथरदेवा, तरकुलवा, रामपुर कारखाना और देसही देवरिया ब्लॉक क्षेत्र में शनिवार की सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। प्रतिकूल मौसम के बाद भी मतदाता बूथ पर पहुंचने लगे थे। रामपुर कारखाना के पुरुषोत्तमपुर गांव के नथुनी प्रसाद वोट डालने पहुंचे तो पता चला कि उनका वोट पड़ गया। इस पर वे मायूस होकर चले गए। इसी प्रकार कोटवा की 86 वर्षीय कमरून्निशा परिवार के लोगों का सहारा लेकर मतदान करने प्राथमिक विद्यालय पर बने बूथ पर गईं तो पता चला कि वोटरलिस्ट में उनका नाम नहीं है। उनका कहना है कि अभी तक वह हर चुनाव में मतदान करती आ रही हैं, लेकिन पहली बार ऐसी नौबत आई है। जिम्मेदारों की गलती से उन्हें मतदान से वंचित होना पड़ा। कोटवां गांव के करीब 60 से अधिक लोगों का नाम वोटरलिस्ट से गायब था। इसको लेकर गांववालों ने हंगामा किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने मामला शांत कराया। यही हाल तरकुलवा, पथरदेवा और देसही देवरिया के गांवों में भी देखनेे को मिला। युवाओं और बुजुर्गों के नाम वोटरलिस्ट से काट दिए गए थे।