देवरिया। कपरवार घाट से मेहरौना बार्डर तक 40 किमी के रामजानकी मार्ग एनएच 227 ए के चौड़ीकरण के लिए प्रशासन और ज्यादा सक्रिय हो गया है। भूमि अधिग्रहण के लिए सरकार लोगों को जल्द से जल्द मुआवजा बांट कर कार्य शुरू करना चाहती है ताकि आगे चलकर कोई व्यवधान न उत्पन्न हो।
अधिग्रहित भूमि का करीब 84 प्रतिशत से अधिक लोगों को मुआवजा दिया चुका है। 250 करोड़ रुपये पहले मुआवजा दिया गया था। फिर शासन से 80 करोड़ रुपये आया है। इसमें से भी करीब 25 करोड़ रुपये दिया गया है। कुल 275 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जा चुका है। 80 करोड़ में से बचे 55 करोड़ रुपये भी सत्यापन करके एक माह में उनके खाते में भेज दिया जाएगा। रामजानकी मार्ग के चौरीकरण की घोषणा के बाद करीब 2500 लोगों ने मुआवजा के लिए आवेदन किया था। इसमें से करीब 2000 से अधिक लोगों के खाते में पैसा पहुंच गया है। जिन्हें कोई दिक्कत हो रही उसका तुरंत समाधान किया जा रहा है। प्रशासन जल्द मुआवजे का कार्य पूरा करना चाहता है। जिससे सड़क बनने के बाद कोई अड़चन न आए। वहीं बरहज के छह गांवों में मुआवजे को लेकर विवाद का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जल्द ही इसका निस्तारण हो जाएगा।
रामजानकी मार्ग के फोरलेन कार्य में तेजी से लोगों में हर्ष है। लोग काफी उत्साहित थे। भारत माला शृंखला योजना के तहत बड़हलगंज से मेहरौना तक करीब 61 किलोमीटर तक रामजानकी मार्ग को फोरलेन में तब्दील किया जाना है। कपरवार घाट से मेहरौना तक 40 किलोमीटर लंबी, 10 मीटर चौड़ा और कुछ जगहों पर सात मीटर चौड़ी सड़क है। जिसे फोरलेन किया जाएगा। होने वाले चौड़ीकरण के लिए बरहज के 23 और सलेमपुर के 22 गांवों के किसान 15 दर्जन के करीब किसानों की 75 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
वर्जन
अधिकांश काश्तकारों को भुगतान कर दिया गया है। शेष को मुआवजे का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा। जिन गांवों में विवाद है। उसका भी जल्द समाधान होने की उम्मीद है।
-अरुण कुमार राय, एडीएम वित्त