देवरिया। परिषदीय विद्यालयों में 18 से 27 सितंबर के बीच सत्रीय परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए परियोजना की ओर से अधिकारियों व शिक्षकों के लिए गाइडलाइन भी आ गई है। इसके लिए विभागीय स्तर पर भी तैयारी शुरू कर दी गई है। परीक्षा के बाद गणित, विज्ञान, अंग्रेजी सहित अन्य विषयों में कमजोर छात्रों के अधिगम यानि सामान्य एवं व्यावहारिक ज्ञान में शिक्षक वृद्धि करेंगे।
जिले के 2121 प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में दो लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनके सत्रीय परीक्षा की तैयारी विभागीय स्तर पर शुरू कर दी गई है। इसके लिए कक्षावार मासिक पाठ्यक्रम के विभाजन के अनुसार माह अगस्त तक पूर्ण कराए गए पाठ्यक्रम के आधार पर प्रश्न पत्र तैयार किया जा रहा है। पाठ्यक्रम से संबंधित प्रश्नों को प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक शिक्षकों के जरिए तैयार करा रहे हैं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कक्षाध्यापक, विषय अध्यापक की ओर से किया जाएगा।
सत्रीय परीक्षा एवं मूल्यांकन से संबंधित अभिलेख प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं की की प्राप्ति रजिस्टर, वितरण एवं अन्य सभी आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखे जाएंगे। बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि सत्रीय परीक्षा के सफल क्रियान्वयन का संपूर्ण दायित्व प्रधानाध्यापक एवं खंड शिक्षाधिकारी का होगा। परीक्षा के बाद निर्धारित तिथि को अभिभावकों को विद्यालयों में आमंत्रित कर बच्चों की प्रगति रिपोर्ट साझा कर परीक्षाफल से अवगत कराया जाएगा। मूल्यांकन उत्तर पुस्तिकाओं को छात्र व अभिभावक दोनों को दिखाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सत्रीय परीक्षा के आधार पर कमजोर छात्र-छात्राओं का अधिगम स्तर सुधारने के लिए उनके ऊपर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कक्षा में ऐसे छात्र-छात्राओं को चिन्हित करते हुए विषय वस्तु की तैयारी, पुनरावृत्ति कराया जाएगा। देवरिया सदर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सरौरा नंबर एक के प्रधानाध्यापक नरेंद्र मोहन सिंह ने बताया कि सत्रीय परीक्षा की तैयारी चल रही है। प्रश्न पत्र भी तैयार कराया जा रहा है। इस परीक्षा के बाद जिन विषयों में कमजोर छात्र मिलेंगे, उन्हें चिन्हित कर उनका अलग ग्रुप बनाकर उसे बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।