देवरिया। इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना अंतर्गत वर्तमान सत्र में जिले के विद्यार्थियों ने कम नामांकन कराया है। ऐसे में लक्ष्य तक पहुंचने की संभावना भी कम दिख रही है। जनपद के हर राजकीय, एडेड व वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के पांच-पांच छात्रों को इसमें रजिस्ट्रेशन कराना है। माध्यमिक के एसआरजी व विज्ञान शिक्षक भी विद्यार्थियों को इसमें पंजीकरण कराने के लिए सही ढंग से प्रेरित नहीं कर पा रहे हैं।
जनपद में जुलाई माह में ही इंस्पायर अवॉर्ड योजना को सफल बनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई थी, हालांकि अगस्त समाप्त होने को है, अब तक उम्मीद के मुताबिक पंजीकरण नहीं हो पाया है । इसके लिए जिले के 22 राजकीय, 122 एडेड, 409 वित्तविहीन मान्यता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के पांच-पांच छात्रों को पंजीकरण कराकर प्रतिभाग कराना है। इसमें कक्षा छह से 10 तक के छात्र प्रतिभाग कर सकते हैं। उन्हें अपना आइडिया संबंधित पोर्टल पर देना हैं, अगर उनका आइडिया चयनित होता है तो उन्हें 10 हजार रुपये की धनराशि आइडिया को मूर्त रूप देने के लिए उनके खाते में भेजी जाएगी। छात्रों के आइडिया का मूल्यांकन राष्ट्रीय नव प्रवर्तक संस्थान की ओर से किया जाएगा, इनका आइडिया अगर चुना जाता है तो पहले गोरखपुर में आयोजित प्रदर्शनी में इन्हें भाग लेना होगा।
योजना को सफल बनाने के लिए पिछले माह ही जिले के सभी 16 ब्लॉकों में एक-एक नोडल की तैनाती की गई थी, साथ ही जनपदीय नोडल, सह नोडल व एक मोटिवेशनल शिक्षक को भी रखा गया, जो इसकी जनपद स्तर पर मानिटरिंग कर रहे हैं। इनकी जिम्मेदारी यह है कि यह छात्रों व प्रधानाचार्यों से मिलकर इसके प्रति जागरूक करना है, हालांकि उम्मीद के अनुसार अभी पंजीकरण नहीं बढ़ पाया है। डीआईओएस शिव नारायण सिंह ने बताया कि माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य व अन्य जिम्मेदार छात्रों को इंस्पायर अवॉर्ड योजना में पंजीकरण के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सभी जिम्मेदार कर रहे हैं प्रयास
जनपद स्तर पर इस योजना को सफल बनाने के लिए सह नोडल बनाए गए जीआईसी के भौतिक विज्ञान के शिक्षक गोविंद सिंह ने सोमवार को बताया कि योजना को सफल बनाने के लिए जिले में 16 नोडल बनाए गए हैं। इन्होंने अपना अलग ग्रुप बनाया है। यह सभी स्कूलों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं। सभी स्कूलों के प्रधानाचार्य का अलग से ग्रुप बना है। इसके अलावा दो विज्ञान, दो गणित, दो अंग्रेजी के एसआरजी को भी लगाया गया है जिन्हें ब्लॉकवार जिम्मेदारी दी गई है। जिले का नामांकन लक्ष्य 2765 पंजीकरण है, अब तक 898 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण इसमें हुआ है।