देवरिया। मेडिकल कॉलेज में अल्ट्रा साउंड जांच ठप है। इसकी वजह से जांच के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। रोजाना करीब 50 से 60 मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उन्हें जांच के लिए निजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ रहा है। इससे उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। रेडियोलाजिस्ट के अवकाश पर जाने से यह दिक्कत आई है।
मेडिकल काॅलेज में रेडियोलाजिस्ट की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मात्र दो रेडियोलाजिस्ट हैं। एक पुरुष और एक महिला अस्पताल में जांच करते हैं। ओपीडी के विभिन्न विभागों से प्रतिदिन करीब पचास से साठ मरीजों को अल्ट्रा साउंड जांच के लिए डॉक्टर भेजते हैं। रेडियोलाजिस्ट के अवकाश पर जाने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। पुरुष अस्पताल में तैनात रेडियोलाजिस्ट अवकाश पर हैं। मरीजों को जांच केंद्र से निराश होकर लौटना पड़ रहा है। रेडियोलाजिस्ट के तीन दिन बाद के आने पर जांच शुरू होगी।
जरूरी होने पर कुछ मरीजों को निजी सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें छह से आठ सौ रुपये कीमत देना पड़ रहा है। तरकुलवा के रामप्रवेश, बैतालपुर के मनोज कुमार, गौरीबाजार क्षेत्र की ज्ञांती देवी, रामलक्षन की सरिता, भाटपाररानी क्षेत्र के भरोसा आदि का कहना था कि जांच न होने से फिर आकर लाइन लगाना पड़ेगा। जांच हो गई रहती तो डॉक्टर को दिखाकर दवा ले लेता। आने-जाने में दिक्कत होती है। समय लगता है और पैसा खर्च होता है। जांच व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जरूरत है, जिससे मरीजों को सहूलियत हो सके।
कोट
रेडियोलाजिस्ट के अवकाश पर जाने से दिक्कत आई है। उनके आने पर जांच शुरू हो जाएगी। रेडियोलाजिस्ट की कमी है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल प्रयास कर रहे हैं। शासन को पत्र भेजा गया है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएच