बरहज। थाना घाट पर सोमवार को सरयू 68.00 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी, नदी वर्तमान समय में खतरे के निशान 66.50 से डेढ़ मीटर अधिक है। 24 घंटे से नदी का जलस्तर स्थिर है, लेकिन लोगों की दुश्वारियां जस की तस बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों की मानें तो जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है।
सरयू नदी के बाढ़ का पानी बिनोवापुरी और कुसम्हा ईंट भठ्ठा के निकट रुद्रपुर मार्ग, पैना, मेहियवां के निकट रामजानकी मार्ग तक पहुंच गया है। सरयू में आई बाढ़ से राप्ती भी उफान पर है। भदिला प्रथम गांव बाढ़ के पानी से घिरा होने के कारण टापू बना हुआ है। गोरखपुर के कोलखास गांव में लोगों के दरवाजे तक पानी लगा हुआ है। नदी का पानी आजाद नगर दक्षिणी, पटेल नगर, नीलकंठ महादेव मंदिर, रगरगंज, मेहियवां, तेलियां शुक्ल, अधूरे बांध के कारण महेन गांव तक पहुंच गया है।
साथ ही परसियां देवार के भरटोला, चौधरीपुरा, नकिहवां, महोब टोला और विशुनपुर देवार के स्कूलहिया, कत्लहिया, दलित बस्ती, चौहान, लोहार, बांके, किशुन, जैतुन टोला, नई दलित बस्ती, जरलहवा, रामदरश आदि टोलों में पानी घुस गया है। सोमवार को जलस्तर स्थिर होने से जलस्तर घटने की उम्मीद जताई जा रही है।
कोट-
जलस्तर स्थिर हुआ है। नदी के पीछे हटने की संभावना है। मॉनीटरिंग किया जा रहा है।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग