देवरिया। एक किशोरी से दस वर्ष पूर्व शादी के लिए बहलाकर अपहरण कर साथ दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी पाया गया। बुधवार को विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने सुनवाई के पश्चात दस वर्ष का कठोर सजा सुनाया तथा 35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
बरहज थाना क्षेत्र के एक गांव की किशोरी 7 अगस्त 2014 को लकड़ी लाने के लिए बगीचे में गई थी। ईंट-भट्ठे पर काम करने वाला राजकुमार पुत्र चेरु हरिजन निवासी टकरा, थाना जयापुर जनपद जयपुर छत्तीसगढ़ ने उसे बहला फुसलाकर गोरखपुर के सहजनवां स्थित ईंट-भट्ठे पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शाम तक किशोरी के न आने पर पिता ने तलाश शुरू की दी। पता न चलने पर थाना बरहज में 12 अगस्त 14 को मुकदमा दर्ज कराया।
विशेष अभियोजक हरिदत्त मिश्रा व संपूर्णानंद तिवारी ने बताया कि बरहज पुलिस ने पीड़िता को बरामद करके मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान कलम बंद कराया, जिसमें दुष्कर्म के आरोपी की पुष्टि होने पर धारा में बढ़ोतरी कर दी। उभय पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के अवलोकन के पश्चात अदालत ने पाया कि राजकुमार ने किशोरी को बहला-फुसलाकर कर शादी करने के लिए अपहरण करने और उसके साथ दुष्कर्म करने के लिए दोषी है, ऐसे में अदालत ने उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास व 35 हजार रुपये अर्थ दंड से दंडित करने का फैसला सुनाया। आरोपी घटना के समय से ही जेल में निरुद्ध है।