तरकुलवा। थाना क्षेत्र की एक फर्म के जीएसटी नंबर से बिहार और झारखंड की चार फर्मों से की गई कोयले की खरीद-बिक्री का खेल उजागर हुआ है। शातिरों ने फर्म के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल कर 15 ट्रकों से 450 टन कोयले की बिक्री की है। जिसकी कीमत करीब 45 लाख रुपये बताई जा रही है। इस लिहाज से फर्म के प्रोपराइटर को 2.25 लाख की जीएसटी चुकानी पड़ सकती है। इस मामले में कोर्ट के आदेश पर पुलिस चार फर्मों और उनके मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुट गई है।
पीड़ित फर्म संचालिका मीना राव पत्नी ओमप्रकाश राव ने इसकी एसपी से शिकायत की। इसके पहले वह थाने में भी तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार कर चुकी हैं। आखिर में उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कहा है कि प्रकाश ब्रिक इंडस्ट्रीज सोनहुला रामनगर के नाम से उनका फर्म चलता है, जिसका जीएसटी नंबर- 09AGRPR2691BTZO है। यह फर्म ईंट भट्ठे के जरिए ईंट का निर्माण कराकर बिक्री का कार्य करता है।
आरोप है कि उनके फर्म के जीएसटी नंबर का गलत इस्तेमाल कर बिहार और झारखंड के फर्म-1 गणपति इंटरप्राइजेज-ग्रेड ट्रंक रोड बजाज धनुआ निरसा धनबाद, झारखंड जीएसटी नंबर 20KILPK4722GIZC, संचालक अरुण कुमार, फर्म-2 शबनम इंटरप्राइजेज रोड नंबर 12 गैसवानी सेंटर ईक्टानगर रांची, झारखंड जीएसटी नंबर 201SLPK 7639LIZ5, संचालक शबनम खातून, फर्म-3 मां इंटरप्राइजेज नावेद रोड कुमार डूडी रेलवे स्टेशन चिरकुंडा धनबाद, झारखंड जीएसटी नंबर 20HLTPK3798GIZJ, संचालक पारस कुमार और फर्म-4 अविनाश इंटरप्राइजेज- आर्य समाज रोड पटना, बिहार जीएसटी नंबर 10BBYPK9742HIZ8, संचालक अविनाश कुमार ने उनके फर्म प्रकाश ब्रिक इंडस्ट्रीज के जीएसटी नंबर का गलत उपयोग करके 15 ट्रक पर लगभग 450 टन कोयला कई जगहों पर भेजा है। जिसका 5 प्रतिशत टैक्स उनको भरना पड़ेगा। जबकि उनके द्वारा उक्त फर्मों से कोई लेन-देन या कोयले की खरीदारी से संबंधित कार्य नहीं किया गया है।
उन्होंने बताया है कि उनके पति ने 28 अगस्त को अपने मोबाइल से जब एक फर्म के प्रोपराइटर अविनाश सिंह के मोबाइल पर बात की तो उसने कहा कि हम मैनेज कर लेंगे, आपका जो टैक्स लगेगा, वह हम भर देंगे। बताते हैं कि जिले के कई ईंट भट्ठों के जीएसटी नंबर का इस्तेमाल कर टैक्स चोरी का यह खेल धड़ल्ले से चल रहा है। थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय ने कहा कि मामले में बिहार व झारखंड के कुछ फर्म मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है, जांच की जा रही हैं।