देवरिया। मेडिकल कॉलेज में डाॅक्टरों ने पित्त की थैली में पथरी का दूरबीन विधि से मरीज का ऑपरेशन किया। ऑपरेशन मशीन के ट्रायल के लिए किया गया, जो सफल रहा। जिले के मरीजों का अब यहां ऑपरेशन करने में आसानी होगी, वहीं मरीजों को निजी अस्पतालों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल काॅलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। जिले के विभिन्न हिस्सों के अलावा बिहार प्रांत के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोग इलाज कराने आते हैं। सर्जरी विभाग में मरीजों की भीड़ होती है। अस्पताल में माड्यूलर ऑपरेशन थिएटर है। ओपीडी में रोजाना पित्त की थैली में पथरी के मरीज 15 से 20 मरीज आते हैं। यहां ओपेन सर्जरी की सुविधा है। इसकी वजह से अधिकांश मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख कर लेते हैं। मरीजों को सस्ते में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राचार्य ने सर्जरी विभाग के अध्यक्ष, अन्य सर्जनों व जिम्मेदार अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर दूरबीन विधि से आपरेशन करने की योजना बनाई।
इसके लिए कवायद भी शुरू कर दी गई है। ट्रायल के लिए एक मशीन से बृहस्पतिवार को मिथिलेश और शुक्रवार को पायल नाम की मरीज का आपरेशन किया, जो सफल रहा और मरीजों को भी दिक्कत नहीं हुई। इसके लिए मरीज को मात्र 400 रुपये का सरकारी शुल्क जमा करना पड़ा। इस विधि से आपरेशन से मरीजों समय और पैसे की बचत होगी।
ऑपरेशन करने वाली टीम में ये रहे शामिल
मेडिकल कॉलेज में दूरबीन विधि से ऑपरेशन करने वाली टीम में प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार बरनवाल, सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, सहायक आचार्य डॉ. मानवेंद्र कुमार, डॉ. आशीष जायसवाल, सीनियर रेजिडेंट डॉ. मो. ताहिर, जूनियर रेजिडेंट डॉ. पवन, डॉ. शिवम, डॉ. प्रतिभा, स्टाफ नर्स सुमन, पूजा, रुचि एवं ओटी स्टाफ राजेश व अजय शामिल रहे।
इस विधि से होती है आसानी
देवरिया। दूरबीन विधि से पित्त की थैली में पथरी के आपरेशन में मरीज को आसानी होती है। तीन पतला छेद किया जाता है। इसके बाद दूरबीन से डिस्प्ले पर देख कर आपरेशन किया जाता है। इस विधि में मरीज को कम दर्द होता है। चीरा छोटा होता है और दाग भी कम पड़ता है। इंफेक्शन की संभावना कम रहती है।
कोट
मेडिकल कॉलेज में दूरबीन विधि से दो मरीजों का आपरेशन किया गया है। आपरेशन सफल रहा। इस विधि से आपरेशन के लिए मशीन की टेंडर प्रक्रिया की गई है। मशीन आने के बाद मरीजों को आपरेशन कराने में आसानी होगी।
-डॉ. राकेश कुमार, विभागाध्यक्ष, सर्जरी