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Deoria News: बेहतर यातायात के दावे हवा हवाई, रोजाना जाम से कराहते हैं शहरवासी

Tue, 27 Aug 2024 02:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देवरिया। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दो वर्ष पूर्व जिला प्रशासन और नगर पालिका ने मिलकर खाका तैयार किया था। यातायात दुरुस्त करने के लिए शहर के दो प्रमुख मार्गों को नो वेडिंग जोन घोषित किया था। साथ ही राघव नगर, रामलीला मैदान को जाने वाली सड़क को वन वे मार्ग घोषित किया गया है, जबकि दो जगहों पर ठेला लगाने वालों के लिए जगह चिह्नित की गई थी, लेकिन हकीकत इससे परे है। सारे दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। शहर में रोजाना जाम लगने से शहरवासी परेशान हैं तो वहीं सड़कों पर लगे नो वेडिंग जोन के बोर्ड गायब हो चुके हैं। वन-वे सड़कों पर भी पहले की तरह अवागमन हो रहा है।
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बता दें कि शहर में जाम की स्थिति से निपटने व बेहतर ट्रैफिक व्यवस्था शहरवासी को उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने नगर पालिका व पुलिस प्रशासन की मदद से प्लान तैयार किया था। प्लान के तहत शहर के प्रमुख मार्गों सिविल लाइंस रोड, मालवीय रोड, को-ऑपरेटिव चौराहा से हनुमान मंदिर (रामलीला मैदान रोड) हनुमान मंदिर से राघव नगर-कचहरी चौराहा (शिव मंदिर) तक तथा जलकल रोड आदि प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष 2022 में प्लान बनाया। प्लान के तहत सिविल लाइंस रोड पर भटवलिया चौराहा से गोरखपुर ओवरब्रिज तक एवं मालवीय रोड को नो-वेंडिंग जोन घोषित किया गया। इन मार्गों पर सड़क के किनारे पटरी पर एवं उसके पीछे नाले पर ठेला और पटरी पर कोई दुकान नहीं लगनी थी।
सिर्फ वाहनों की पार्किंग पटरी तक की जा सकती थी। दुकानों के आगे शेड लगाने पर भी मनाही थी, मगर वर्तमान हालात इसके इतर हैं। चिह्नित मार्गों में नो वेडिंग जोन का नामोनिशान तक नहीं है। आज भी पटरी व उसके पीछे नाले पर ठेला लगाने वालों का भरमार है। वाहनों की पार्किंग सड़क पर होती है, इसके चलते शहर वासी रोजाना जाम से दो चार होते रहते है। पर्व व त्योहार के सीजन में तो स्थिति भयावह हो जाती है। घंटों जाम में लोगों को रेंगना पड़ता है। अभी हाल ही में रक्षा बंधन के पर्व के दिन दोपहर बाद राखी बंधवाने का मुहूर्त होने के चलते लोगों की अचानक से भीड़ सड़क पर उमड़ पड़ी। आलम यह रहा कि देर रात तक लोगों को जाम से जूझना पड़ा। पुलिस प्रशासन को जाम हटवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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ये मार्ग हुए थे वन-वे, हालत इतर
शहर के को-ऑपरेटिव चौराहे से हनुमान मंदिर (रामलीला मैदान रोड) एवं हनुमान मंदिर चौराहे से राघव नगर होते हुए कचहरी चौराहा (शिव मंदिर तक) का मार्ग वन-वे रहेगा। यह व्यवस्था स्थानीय लोगों, दुकानदारों एवं बाहर से आने वाले लोगों सभी के लिए समान रूप से लागू होगी। इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। परंतु वन वे की कौन कहे यातायात व्यवस्था का पालन इन मार्ग को कोई करता नहीं दिखता है। दुकानदारों का पटरी तक कब्जा है। रही सही कसर इन दुकानों पर खरीदारी करने वाले आने वाले ग्राहक अपने वाहन दुकानों के सामने खड़ी कर पूरी कर देते है।

फुटपाथ के दुकानदारों के लिए करनी होगी वैकल्पिक व्यवस्था
पटरी एवं रेहड़ी व्यवसायियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नगर पालिका को करनी होगी, तब जाकर कुछ हद तक जाम से निजात मिल सकेगा। पूर्व में इनके लिए कोतवाली रोड एवं महिला थाने के निकट स्थान चिह्नित किए गए थे, जहां वे अपना व्यवसाय कर सकते थे। वर्तमान में यहां पर सड़क से पटरी व रेहड़ी व्यवसायी अपनी दुकानें लगाते है। इसके अलावा शहर के विभिन्न मार्गों पर भी इनकी अच्छी खासी संख्या देखने को मिलती है। ऐसा कोई मार्ग नहीं जहां इनका कब्जा न हो। नगर पालिका को सबसे पहले इन पर नकेल कसते हुए इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।

अतिक्रमण से बदहाल है मोतीलाल और मालवीय रोड
शहर की हृदयस्थली कहा जाने वाला मालवीय रोड अतिक्रमण के चलते बदहाल है। सड़क के दोनों तरफ के फुटपाथ पर स्थायी-अस्थायी दुकानों, रेहड़ी-ठेले वालों का कब्जा रहता है। यही नहीं दोनों तरफ की 20-20 फीट चौड़ी सड़क भी अतिक्रमण का शिकार है। कुछ ऐसा ही हाल कसया, भीखमपुर व बिहार को जोड़ने वाले अतिव्यस्त मार्ग मोतीलाल रोड का भी है। यहां 30 फीट की सड़क के चौथाई हिस्से तक दुकानें लग रही हैंं। हद तो यह है कि स्थायी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे के फुटपाथ को किराए पर उठा दिया है। यहां वे तय रकम लेकर सब्जी की दुकानें, ठेले लगवाते हैं। सड़क तक अतिक्रमण ने राह चलना मुश्किल कर दिया है। रही सही कसर तरकुलवा, बघौचघाट, रामपुर कारखाना, पटनवा पुल, गोरया घाट आदि जगहों तक जाने वाले टैपों वाले बीच सड़क पर ही सवारियां भरकर पूरी कर देते हैंं।
कोट

कोट पहले से चिह्नित नान वेडिंग जोन में दुकानें लगाने वालों को पहले नोटिस दी जाएगी। इसके बाद भी नहीं मानते हैं तो अभियान चलाकर इन्हें हटाया जाएगा। वहीं मुनादी कर सड़क की पटरी पर अतिक्रमण करने वालों से सड़कों से दुकानें हटा लेने को कहा जाएगा। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शीघ्र ही अभियान भी चलाया जाएगा।
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-संजय कुमार तिवारी, ईओ, नगरपालिका
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