थाना क्षेत्र की एक फर्म के जीएसटी नंबर से बिहार और झारखंड की चार फर्मों ने 15 ट्रक कोयले (करीब 450 टन) की बिक्री कर दी। पुलिस द्वारा केस दर्ज नहीं करने पर जब पीड़ित फर्म मालिक ने कोर्ट की शरण ली थी। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने चार फर्मों व उनके मालिकों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित फर्म संचालिका मीना राव पत्नी ओमप्रकाश राव बताया कि उनकी फर्म प्रकाश ब्रिक इंडस्ट्रीज सोनहुला रामनगर में चलती है, जहां ईंट बनाई जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी फर्म के नाम जारी जीएसटी नंबर का गलत इस्तेमाल कर सात मई 2023 से लेकर 30 जुलाई 2023 के बीच गणपति इंटरप्राइजेज-ग्रांड ट्रंक रोड बजाज धनुआ निरसा धनबाद, झारखंड, संचालक अरुण कुमार, शबनम इंटरप्राइजेज रोड नंबर 12 गैसवानी सेंटर ईक्टानगर रांची, झारखंड, संचालक शबनम खातून, मां इंटरप्राइजेज नावेद रोड कुमार डूडी रेलवे स्टेशन चिरकुंडा धनबाद, झारखंड, संचालक पारस कुमार और अविनाश इंटरप्राइजेज- आर्य समाज रोड पटना, बिहार, संचालक अविनाश कुमार ने 15 ट्रक यानी करीब 450 टन कोयले की बिक्री कर दी, जिसका 5 प्रतिशत टैक्स उनको भरना पड़ेगा, जबकि उनके द्वारा उक्त फर्मों से कोई लेन-देन या कोयले की खरीदारी से संबंधित कार्य नहीं किया गया है।
मीना के अनुसार, करीब एक साल पहले जब उन्हें इसका पता चला तो पहले थाने और फिर एसपी तक से शिकायत कर मामले में केस दर्ज करने की अपील की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हार कर 22 नवंबर 2023 को उन्होंने देवरिया कोर्ट की शरण ली। शनिवार को कोर्ट ने इस मामले में बिहार और झारखंड की आरोपी चार फर्मों और उनके संचालकों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद देर शाम पुलिस ने केस दर्ज कर लिया।
मीरा के अनुसार, उनके पति ने पिछले साल 28 अगस्त को उनकी फर्म का जीएसटी नंबर इस्तेमाल करने वाली एक फर्म के प्रोपराइटर अविनाश सिंह से फोन पर बात की तो उसने कहा था कि वह मैनेज कर लेगा, हमारा जो भी टैक्स लगेगा, वो भर देगा।