भागलपुर। सरयू नदी में एक बार फिर पानी बढ़ने की संभावना है। इससे तटवर्ती इलाकों के गांवों को प्रभावित होने का भय सताने लगा है। केंद्रीय जल आयोग से मिली सूचना के अनुसार शारदा बैराज और एल्गिन ब्रिज से लगभग 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड और नेपाल में भारी बारिश हो रहा है। इसको लेकर प्रशासन एक बार फिर पहले से ही अलर्ट मोड पर आ गया है।
बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों के गांवों के लोगों को सचेत रहने को कहा गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों के गांवों के आसपास जागरूक करने का निर्देश दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति सरयू के जलभराव वाले इलाके की ओर न जाय। सभी बाढ़ चौकियों को स्थापित कर कर्मचारियों की तैनाती कर बाढ़ शरणालयों को स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।
सरयू ने फिर पकड़ी रफ्तार, जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी
सरयू नदी में फिर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी शुरू हो गई है। शनिवार शाम पांच बजे से नदी में बढ़ाव शुरू हो गया। इससे तटवर्ती इलाकों में फिर बाढ़ की संभावना को लेकर हलचल तेज हो गई है। नदी में हो रहे उतार चढ़ाव से तटवर्ती इलाकों के लोग फिर से सहम गए हैं। नदी का जलस्तर दो हफ्ते से धीरे-धीरे कम होकर रेगुलेटर पर अंकित लाल निशान से 32 सेमी नीचे चला गया था। केद्रीय जल आयोग के अनुसार नदी में शनिवार शाम से बढ़ोतरी शुरू हो गई। नदी एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है, लेकिन नदी अभी खतरे के निशान से 30 सेमी नीचे बह रही है। तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर शाम 5 बजे 63 मीटर 90 सेमी दर्ज किया गया। बाढ़ विभाग और प्रशासन के अधिकारियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।